Kuno National Park | कूनो नेशनल पार्क में खुशियां! मादा चीता 'गामिनी' ने तीन शावकों को जन्म दिया

मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस सफल प्रजनन के साथ ही भारत में चीतों के कुनबे में विस्तार हुआ है और अब देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।इसे भी पढ़ें: Champions League | विजयी गोल करने के बाद विनीसियस जूनियर का नस्लीय दुर्व्यवहार का आरोप, रियाल मैड्रिड की जीत पर विवाद का साया केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चीतों भारत में फिर से बसाने के कार्यक्रम की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दूसरी बार मां बनी गामिनी ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में तीन शावकों को जन्म दिया है।इसे भी पढ़ें: RJD Expansion Strategy | राजद का मिशन 'राष्ट्रीय पार्टी', Tejashwi Yadav ने बिहार से बाहर विस्तार का किया शंखनाद यादव ने कहा कि यह भारत में चीतों का नौवां सफल प्रजनन है और इसके साथ ही देश में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 हो गई है। उन्होंने कहा कि इन नये शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 38 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह देश के संरक्षण प्रयासों की ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक है।'चीता प्रोजेक्ट' का अब तक का सफरभारत में 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते लाए गए थे।शुरुआत: सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे।विस्तार: फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए, जिनमें 'गामिनी' भी शामिल थी।लक्ष्य: भारत के जंगलों में चीतों की एक आत्मनिर्भर आबादी तैयार करना।कूनो बना 'चीता स्टेट' का केंद्रकूनो राष्ट्रीय उद्यान अब दुनिया भर में चीतों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों के जन्म की यह निरंतरता न केवल जैव विविधता के लिए अच्छी है, बल्कि इससे इलाके में ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सफलता का श्रेय कूनो के फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत को दिया है, जो चौबीसों घंटे इन मेहमानों की निगरानी कर रहे हैं। 

PNSPNS
Feb 18, 2026 - 10:58
 0
Kuno National Park | कूनो नेशनल पार्क में खुशियां! मादा चीता 'गामिनी' ने तीन शावकों को जन्म दिया

मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस सफल प्रजनन के साथ ही भारत में चीतों के कुनबे में विस्तार हुआ है और अब देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।

इसे भी पढ़ें: Champions League | विजयी गोल करने के बाद विनीसियस जूनियर का नस्लीय दुर्व्यवहार का आरोप, रियाल मैड्रिड की जीत पर विवाद का साया

 

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चीतों भारत में फिर से बसाने के कार्यक्रम की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दूसरी बार मां बनी गामिनी ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में तीन शावकों को जन्म दिया है।

इसे भी पढ़ें: RJD Expansion Strategy | राजद का मिशन 'राष्ट्रीय पार्टी', Tejashwi Yadav ने बिहार से बाहर विस्तार का किया शंखनाद

यादव ने कहा कि यह भारत में चीतों का नौवां सफल प्रजनन है और इसके साथ ही देश में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 हो गई है। उन्होंने कहा कि इन नये शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 38 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह देश के संरक्षण प्रयासों की ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक है।

'चीता प्रोजेक्ट' का अब तक का सफर

भारत में 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते लाए गए थे।

शुरुआत: सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे।

विस्तार: फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए, जिनमें 'गामिनी' भी शामिल थी।

लक्ष्य: भारत के जंगलों में चीतों की एक आत्मनिर्भर आबादी तैयार करना।

कूनो बना 'चीता स्टेट' का केंद्र

कूनो राष्ट्रीय उद्यान अब दुनिया भर में चीतों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों के जन्म की यह निरंतरता न केवल जैव विविधता के लिए अच्छी है, बल्कि इससे इलाके में ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सफलता का श्रेय कूनो के फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत को दिया है, जो चौबीसों घंटे इन मेहमानों की निगरानी कर रहे हैं। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow