Kenya Drought | केन्या में सूखे का तांडव! 20 लाख लोग भुखमरी की कगार पर, मंडेरा जिले में 'चेतावनी' स्तर पर पहुंचा संकट
पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या इस समय पिछले कई दशकों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और विभिन्न राहत संगठनों द्वारा जारी ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश के उत्तर-पूर्वी इलाकों में सूखे की स्थिति भयावह हो गई है, जिससे 20 लाख से अधिक लोग गंभीर भुखमरी का शिकार हैं। केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश के करीब 10 जिले इस समय सूखे से जूझ रहे हैं। सोमालिया से सटे केन्या के उत्तर-पूर्वी मंडेरा जिले में स्थिति “चेतावनी” स्तर पर पहुंच गई है।इसे भी पढ़ें: General Naravane Book Controversy | नरवणे की पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर प्रकाशक का बड़ा बयान, 'अब तक नहीं हुई है प्रकाशित'इसका मतलब है कि पानी की गंभीर कमी के कारण पशुओं की मौत हो रही है और बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। जनवरी के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि यही परेशानी सोमालिया, तंजानिया और यहां तक कि युगांडा तक फैल रही है, जहां लोग इसी तरह के मौसम और पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। हाल के हफ्तों में सोमाली सीमा के पास सूखाग्रस्त इलाकों से झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मवेशियों को बेहद कमजोर और कुपोषित हालत में देखा जा सकता है।इसे भी पढ़ें: US-Bangladesh Trade Deal | भारत के बाद बांग्लादेश के साथ अमेरिका का बड़ा समझौता, टैरिफ घटकर 19% हुआ, गारमेंट सेक्टर को मिलेगी 'ड्यूटी-फ्री' पहुंचयह इलाका जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहा है। हाल के वर्षों में कुछ क्षेत्रों में बारिश के मौसम की अवधि छोटी हो गई है, जिससे सूखे की स्थिति पैदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच का बारिश का मौसम अब तक के सबसे सूखे मौसमों में से एक रहा।
पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या इस समय पिछले कई दशकों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और विभिन्न राहत संगठनों द्वारा जारी ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश के उत्तर-पूर्वी इलाकों में सूखे की स्थिति भयावह हो गई है, जिससे 20 लाख से अधिक लोग गंभीर भुखमरी का शिकार हैं। केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश के करीब 10 जिले इस समय सूखे से जूझ रहे हैं। सोमालिया से सटे केन्या के उत्तर-पूर्वी मंडेरा जिले में स्थिति “चेतावनी” स्तर पर पहुंच गई है।
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इसका मतलब है कि पानी की गंभीर कमी के कारण पशुओं की मौत हो रही है और बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। जनवरी के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि यही परेशानी सोमालिया, तंजानिया और यहां तक कि युगांडा तक फैल रही है, जहां लोग इसी तरह के मौसम और पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। हाल के हफ्तों में सोमाली सीमा के पास सूखाग्रस्त इलाकों से झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मवेशियों को बेहद कमजोर और कुपोषित हालत में देखा जा सकता है।
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यह इलाका जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहा है। हाल के वर्षों में कुछ क्षेत्रों में बारिश के मौसम की अवधि छोटी हो गई है, जिससे सूखे की स्थिति पैदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच का बारिश का मौसम अब तक के सबसे सूखे मौसमों में से एक रहा।
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