गुरुवार को कर्नाटक में राजनीतिक अनिश्चितता और गहरी हो गई, क्योंकि कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत मिल रहे थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्यसभा सीट स्वीकार करके राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने के इच्छुक नहीं हैं, और उम्मीद है कि वे आज ही उच्च कमान को इस बारे में सूचित करेंगे। एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सिद्धारमैया दिल्ली की राजनीति में जाने के बजाय अगले दो वर्षों तक विधायक बने रहेंगे।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से आगे बताया गया है कि सिद्धारमैया के कई सहयोगियों को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार में महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो मिलने की संभावना है। नई सरकार शनिवार, 30 मई को शपथ ग्रहण कर सकती है। इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को अपने आवास पर जलपान के दौरान हुई बैठक में मंत्रिमंडल के सहयोगियों को पद छोड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार डी. के. शिवकुमार तथा अन्य मंत्री इस बैठक में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक तस्वीर में सिद्धरमैया, शिवकुमार को गले लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार शिवकुमार, सिद्धरमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान द्वारा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को बयान देंगे।
हालांकि, लोक भवन सूत्रों ने कहा कि सिद्धरमैया ने अब तक राज्यपाल से मिलने के लिए समय नहीं मांगा है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल निजी कारणों से अपने गृह नगर इंदौर गए हुए हैं। दक्षिणी राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज होने के बीच कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पार्टी ने राज्य में विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है और अब तक कोई अन्य फैसला भी नहीं लिया गया है।
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