Kanhaiyalal Murder Case 2022 | Ashok Gehlot का भाजपा पर बड़ा हमला, 'न्याय में देरी' और 'आरोपियों के संबंधों' पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने रविवार को आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में हुई इस नृशंस हत्या के आरोपी भाजपा से जुड़े हुए थे, और इसी कारण मामले के "सीधा और स्पष्ट" होने के बावजूद चार साल बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी।इसे भी पढ़ें: New chapter in India-Malaysia relations | रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक विकास की ओर बढ़ते कदम, आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं उन्होंने कहा, “2022 से 2026 तक कन्हैयालाल का परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कई बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले की स्थिति और आरोपियों को सजा दिलाने के बारे में पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।इसे भी पढ़ें: IRCTC का शानदार Offer: अब Budget में करें कामाख्या देवी के दर्शन, Guwahati से Tour सिर्फ ₹7000 में उन्होंने आरोप लगाया कि सजा में हो रही देरी को लेकर जनता में आशंका बढ़ रही है और इसका कारण आरोपियों का भाजपा से जुड़ा होना बताया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि चुनावों के दौरान इस मुद्दे का राजनीतिकरण “झूठे दावों” के साथ किया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दी गई है। गहलोत ने कहा, “देश यह सब देख रहा है और समय आने पर जवाबदेही तय होगी।  

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Feb 9, 2026 - 11:38
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Kanhaiyalal Murder Case 2022 | Ashok Gehlot का भाजपा पर बड़ा हमला, 'न्याय में देरी' और 'आरोपियों के संबंधों' पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने रविवार को आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में हुई इस नृशंस हत्या के आरोपी भाजपा से जुड़े हुए थे, और इसी कारण मामले के "सीधा और स्पष्ट" होने के बावजूद चार साल बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी।

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उन्होंने कहा, “2022 से 2026 तक कन्हैयालाल का परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कई बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले की स्थिति और आरोपियों को सजा दिलाने के बारे में पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

इसे भी पढ़ें: IRCTC का शानदार Offer: अब Budget में करें कामाख्या देवी के दर्शन, Guwahati से Tour सिर्फ ₹7000 में

उन्होंने आरोप लगाया कि सजा में हो रही देरी को लेकर जनता में आशंका बढ़ रही है और इसका कारण आरोपियों का भाजपा से जुड़ा होना बताया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि चुनावों के दौरान इस मुद्दे का राजनीतिकरण “झूठे दावों” के साथ किया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दी गई है। गहलोत ने कहा, “देश यह सब देख रहा है और समय आने पर जवाबदेही तय होगी।

 

 

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