तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी सहयोगी काकोली घोष पर लोकसभा के अंदर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाने के लिए कड़ी आलोचना की। उन्होंने शिकायत के समय पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि घोष के पीछे कोई छुपी मंशा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने घोष से आरोपों के बारे में सवाल किया और शिकायत दर्ज करने में देरी का कारण पूछा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत लोकसभा अध्यक्ष को दी जानी चाहिए और टीएमसी सांसद पर किसी छुपी मंशा से काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि संसद में कुछ भी घटित होने पर स्पीकर को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए, यही नियम है। किसी भी घटना की सूचना बिना देरी किए स्पीकर को दी जानी चाहिए। जहां तक लगाए जा रहे आरोपों का सवाल है, तो सवाल यह है कि किसने क्या और कब कहा। समस्या उनके इरादों में है। ऐसा लगता है कि वे किसी मकसद से काम कर रहे हैं, जिससे मुझे संदेह होता है। यह घटना टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार द्वारा गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगने के बाद सामने आई है।
स्पीकर को लिखे अपने पत्र में दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उनका व्यवहार महिला-विरोधी सोच को दर्शाता है और यह केवल उन्हीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा कि मैं एआईटीसी के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति चाहती हूं, जिन्होंने लोकसभा के अंदर बार-बार मेरा मौखिक रूप से अपमान किया है।
महिला सांसदों के साथ होने वाले व्यवहार पर चिंता जताते हुए दस्तीदार ने आगे कहा कि कथित आचरण एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा है और उन्होंने कार्रवाई की मांग की। टीएमसी सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को अपनी शिकायत में कहा कि यह महिला-विरोधी रवैया कई महिला सदस्यों के खिलाफ रहा है और इसे दंडित किया जाना चाहिए। इस बीच, दस्तीदार ने अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के भीतर कथित "महिला-विरोधी व्यवहार" और कई ऐसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की है, जिनसे उनकी अंतरात्मा को गहरा आघात पहुंचा है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें
National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।