झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए आज विधानसभा में मतदान हो रहा है, जिसने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। यह चुनाव सत्तारूढ़ INDIA ब्लॉक और विपक्षी NDA गठबंधन के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। गौरतलब है कि एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के दिग्गज नेता और सह-संस्थापक स्वर्गीय शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी, जबकि दूसरी सीट BJP नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण खाली हो रही है।
संख्या का खेल
INDIA ब्लॉक के पास संख्या के हिसाब से बढ़त दिख रही है। उनके पास कुल 56 विधायक हैं — जिनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के चार और CPI(ML) लिबरेशन के दो विधायक शामिल हैं।
दूसरी ओर, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 24 विधायक हैं। इसमें BJP के 21 विधायक शामिल हैं, साथ ही LJP (राम विलास), AJSU पार्टी और JD(U) का एक-एक विधायक भी है। इसके अलावा, विधानसभा में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है।
नथवानी की एंट्री से आया नया मोड़
हालांकि INDIA ब्लॉक दोनों सीटें जीतने की स्थिति में है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी की एंट्री से मुकाबला और पेचीदा हो गया है। उन्हें BJP का समर्थन हासिल है और उम्मीद है कि वे INDIA ब्लॉक के भीतर से होने वाली संभावित 'क्रॉस-वोटिंग' पर निर्भर रहेंगे।
नथवानी तीन बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, जिससे इस कड़े मुकाबले में उनकी उम्मीदवारी को और मज़बूती मिलती है। उनका पहला कार्यकाल 2008 से 2014 तक था, जब वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे। खबरों के मुताबिक, कई विधायकों ने उनके पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की थी।
नथवानी का दूसरा कार्यकाल 2014 से 2020 तक चला, जिसके दौरान वे भारतीय जनता पार्टी और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के समर्थन से राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके बाद 2020 में उन्होंने आंध्र प्रदेश से राज्यसभा में अपना तीसरा कार्यकाल हासिल किया, इस बार उन्हें युवाजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी का समर्थन मिला था। कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और दोनों ही पक्ष सार्वजनिक रूप से खुद को आगे बता रहे हैं।
इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा: "क्या कहा जाए? यह हमारी सीट है, यह हमारा झारखंड है और हम जीतने जा रहे हैं। इसमें क्या समस्या है? किसने कहा कि आंकड़े हमारे पक्ष में नहीं हैं? यहां आंकड़े विपक्ष के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। वे महागठबंधन के पक्ष में हैं। बीजेपी कहीं भी आसपास नहीं है। बीजेपी के लोग झारखंड को बदनाम करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। नौबत यहां तक क्यों आई? जब बीजेपी के पास आंकड़े ही नहीं हैं, तो आप बेवजह मैदान में क्यों कूद रहे हैं?"