Jharkhand High Court ने महापौर पद के लिए आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

झारखंड उच्च न्यायालय ने महापौर के पदों के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिससे राज्य में इन चुनावों का मार्ग प्रशस्त हो गया। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने शांतनु कुमार चंद्र द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए पाया कि इसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने धनबाद और गिरिडीह में महापौर के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने यह दलील दी थी कि सरकार ने दो शहरी स्थानीय निकायों में पदों पर नियुक्ति के लिए एक त्रुटिपूर्ण आरक्षण नीति बनाई है। उन्होंने दलील दी कि महापौर पद के लिए आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है, जो कि बहुत पुरानी जनगणना है।

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Jan 28, 2026 - 10:30
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Jharkhand High Court ने महापौर पद के लिए आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

झारखंड उच्च न्यायालय ने महापौर के पदों के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिससे राज्य में इन चुनावों का मार्ग प्रशस्त हो गया।

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने शांतनु कुमार चंद्र द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए पाया कि इसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने धनबाद और गिरिडीह में महापौर के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ता ने यह दलील दी थी कि सरकार ने दो शहरी स्थानीय निकायों में पदों पर नियुक्ति के लिए एक त्रुटिपूर्ण आरक्षण नीति बनाई है। उन्होंने दलील दी कि महापौर पद के लिए आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है, जो कि बहुत पुरानी जनगणना है।

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