हर महीने महिलाओं को पीरियड्स आना एक सामान्य प्रक्रिया है। ज्यादातर लड़कियों की परेशानी है अनियमित पीरियड्स। अक्सर होता है कि पीरियड्स एक हफ्ते तो कभी-कभी दस दिन डिले हो जाते हैं। पीरियड्स का कभी-कभार डिले होना बेशक नॉर्मल है, लेकिन अगर आपके पीरियड्स लगभग हर महीने डिले हो जाते हैं या आपकी साइकिल अनियमित ही है, तो इसको भूलकर भी इग्नोर न करें। यह आमतौर पर इस बात का इशारा करता है कि आपकी डाइट, लाइफस्टाइल और हार्मोन्स में कुछ गड़बड़ी है। असल में पीरियड्स आपकी हार्मोनल हेल्थ रिपोर्ट कार्ड होते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं पीरियड्स के नियमित करने के टिप्स।
सूर्य नमस्कार
अपनी सुबह की शुरुआत सूर्य नमस्कार के साथ जरुर करें। इसकी शुरुआत में 3-4 राउंड करें और फिर धीरे-धीरे 12 राउंड तक करें। इससे पेल्विक ऑर्गन्स में सर्कुलेशन बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। इसके अलावा, हार्मोनल रिदम को बैलेंस करने में भी सूर्य नमस्कार फायदेमंद माना जाता है।
12 घंटे की फास्टिंग करें
रात के खाने और सुबह के नाश्ते के बीच कम से कम 12 घंटे का अंतर रखना फायदेमंद माना जाता है। जैसे अगर आपने रात का खाना 8 बजे खाया है, तो अगला नाश्ता सुबह करीब 8 बजे करें। ऐसा करने से शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है और शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम भी सही ढंग से काम करती है। ये दोनों ही कारक पीरियड साइकिल को नियमित बनाए रखने में मददगार होते हैं।
रात को 11 बजे से पहले सो जाएं
हार्मोनल रिपेयर और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए गहरी नींद बहुत जरुरी है। देर रात तक जागने से पीरियड साइकिल इंबैलेंस होती है। इसलिए रात 10-11 बजे के बीच सोने की कोशिश करें।
न्यूट्रिशन से भरपूर खाना खाएं
आयुर्वेद में बताया गया है कि डाइजेशन का मजबूत होना हार्मोंस को बैलेंस करता है, इसलिए घर का बना ताजा खाएं और प्रोसेस्ड फूड्स को अवॉइड करें। इसके अलावा, ठंडे और पैकेज्ड फूड को भी बिल्कुल न खाएं। क्योंकि इनसे पाचन खराब होता है।
सीड साइकिलिंग
मेंस्ट्रु्ल साइकिल चक्र के विभिन्न चरणों के अनुसार सीड साइकिलिंग करना काफी लाभकारी माना जाता है। यह प्रक्रिया शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे जरूरी हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करती है।