AC से धूप में जाने की गलती? Doctor ने बताया क्यों लगता है Heart और Brain को 'थर्मल शॉक'

गर्मी से राहत पाने के लिए हम सभी एयर कंडीशनर में जरुर बैठते हैं। अब सभी के घरों में एसी का इस्तेमाल शुरु हो चुका है। गौरतलब है कि एसी वाले कमरे से बाहर निकलने में हर किसी को आफत आती है और ऐसे में आप सीधा बाहर धूप में किसी काम से बाहर जाते हैं, तो क्या आपको इसका नुकसान होगा। अगर आप ठंडी हवा के बाद सीधा धूप पर जाते हैं, तो क्या होगा। आइए आपको इस लेख में बताते हैं।शरीर का इंटरनल थर्मोस्टेट सिस्टमहमारे बॉडी का तापमान 36.5 से लेकर 37.5°C के बीच बना रहता है। यह कंट्रोल सिस्टम दिमाग के छोटे से, मगर बहुत ताकतवर हिस्से द्वारा मैनेज किया जाता है, जिसको हाइपोथैलेमस कहा जाता है। जब आप एसी  के ठंडे वातावरण से गर्मी में बाहर कदम रखते हैं, तो शरीर एकदम से बाहरी तापमान को भांप लेता है। जिसके बाद हाइपोथैलेमस शरीर का ठंडा करने की प्रक्रिया शुरु करता है। जिसमें- - स्किन में मौजूद ब्लड वेसल्स चौड़ी होने लगती है, जिसे वैसोडिलेशन कहा जाता है।  - गर्मी बाहर निकालने के लिए स्वेट ग्लैंड्स काम करने लगती हैं।  - दिल की धड़कन धीरे से बढ़ने लगती है।शरीर को क्यों होता है 'शॉक' जैसा एहसासडॉक्टर ने बताया है कि शरीर को जो असहजता होती है, वो हीट शॉक जैसा एहसास दिलाता है, जो कि तापमान बदलने पर नर्वस सिस्टम की प्रतिक्रिया से होता है। आपकी स्किन के पास खास टेंप्रेचर सेंसर होते हैं, जो दिमाग को सिग्नल भेजते हैं। ठंड से गर्म माहौल में अचानक बदलाने आने से ये सेंसर ओवरस्टिम्युलेट हो जाते हैं। जिसके बाद दिमाग को तेजी से एडजस्ट करना पड़ता है, जिसकी वजह से कुछ पल के लिए भारीपन या भ्रम जैसी स्थिति हो सकती है। बार-बार आपको चक्कर आ सकते हैं और सिर भी घूमने की समस्या हो सकती है। हाइड्रेशन कम होने पर बॉडी में ड्राईनेस बढ़ जाती है। ऐसे माहौल में पसीना निकाले बिना भी बॉडी फ्लूइड खोते रहते हैं। जब आप गर्मी में जाते हैं तो तेजी से पसीना आने लगता है। डिहाइड्रेटेड होने से  सिरदर्द, थकान और फोकस में कमी झेलनी पड़ सकती है।इन टिप्स को फॉलों करें - जब भी आप एसी से धूप में जाएं, तो कुछ देर पहले छाया में ही रहे हैं। - एसी में रहने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। - एसी का टेंप्रेचर बहुत कम रखें।

PNSPNS
May 2, 2026 - 15:34
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AC से धूप में जाने की गलती? Doctor ने बताया क्यों लगता है Heart और Brain को 'थर्मल शॉक'
गर्मी से राहत पाने के लिए हम सभी एयर कंडीशनर में जरुर बैठते हैं। अब सभी के घरों में एसी का इस्तेमाल शुरु हो चुका है। गौरतलब है कि एसी वाले कमरे से बाहर निकलने में हर किसी को आफत आती है और ऐसे में आप सीधा बाहर धूप में किसी काम से बाहर जाते हैं, तो क्या आपको इसका नुकसान होगा। अगर आप ठंडी हवा के बाद सीधा धूप पर जाते हैं, तो क्या होगा। आइए आपको इस लेख में बताते हैं।

शरीर का इंटरनल थर्मोस्टेट सिस्टम

हमारे बॉडी का तापमान 36.5 से लेकर 37.5°C के बीच बना रहता है। यह कंट्रोल सिस्टम दिमाग के छोटे से, मगर बहुत ताकतवर हिस्से द्वारा मैनेज किया जाता है, जिसको हाइपोथैलेमस कहा जाता है। जब आप एसी  के ठंडे वातावरण से गर्मी में बाहर कदम रखते हैं, तो शरीर एकदम से बाहरी तापमान को भांप लेता है। जिसके बाद हाइपोथैलेमस शरीर का ठंडा करने की प्रक्रिया शुरु करता है। जिसमें-

 - स्किन में मौजूद ब्लड वेसल्स चौड़ी होने लगती है, जिसे वैसोडिलेशन कहा जाता है।

  - गर्मी बाहर निकालने के लिए स्वेट ग्लैंड्स काम करने लगती हैं। 

 - दिल की धड़कन धीरे से बढ़ने लगती है।

शरीर को क्यों होता है 'शॉक' जैसा एहसास

डॉक्टर ने बताया है कि शरीर को जो असहजता होती है, वो हीट शॉक जैसा एहसास दिलाता है, जो कि तापमान बदलने पर नर्वस सिस्टम की प्रतिक्रिया से होता है। आपकी स्किन के पास खास टेंप्रेचर सेंसर होते हैं, जो दिमाग को सिग्नल भेजते हैं। ठंड से गर्म माहौल में अचानक बदलाने आने से ये सेंसर ओवरस्टिम्युलेट हो जाते हैं। जिसके बाद दिमाग को तेजी से एडजस्ट करना पड़ता है, जिसकी वजह से कुछ पल के लिए भारीपन या भ्रम जैसी स्थिति हो सकती है। 

बार-बार आपको चक्कर आ सकते हैं और सिर भी घूमने की समस्या हो सकती है। हाइड्रेशन कम होने पर बॉडी में ड्राईनेस बढ़ जाती है। ऐसे माहौल में पसीना निकाले बिना भी बॉडी फ्लूइड खोते रहते हैं। जब आप गर्मी में जाते हैं तो तेजी से पसीना आने लगता है। डिहाइड्रेटेड होने से  सिरदर्द, थकान और फोकस में कमी झेलनी पड़ सकती है।

इन टिप्स को फॉलों करें

 - जब भी आप एसी से धूप में जाएं, तो कुछ देर पहले छाया में ही रहे हैं।

 - एसी में रहने पर भी पर्याप्त पानी पिएं।

 - एसी का टेंप्रेचर बहुत कम रखें।

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