Health Tips: ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं में हो सकती है पोषक तत्वों की कमी, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अक्सर लोगों से आपने यह कहते सुना होगा कि हर महिला को अपने नवजात बच्चे को बेस्टफ्रीड करवाना चाहिए। जिससे कि नवजात बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं। इसलिए मां को हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि मां जैसी डाइट लेती है, वैसा ही बच्चे की सेहत होती है। इसलिए अगर महिला ऐसी चीजें खा ले, जिससे ब्लोटिंग और गैस की दिक्कत तो सकती है, तो बच्चे की भी सेहत खराब हो जाती है।लेकिन क्या आपने सोचा है कि जिस तरह से महिलाएं अपने नवजात बच्चे की सेहत के हिसाब से डाइट प्लान करती हैं। ऐसे में ब्रेस्टफीड कराने का उनकी सेहत पर क्या असर पड़ता है। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि क्या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।इसे भी पढ़ें: Health Tips: शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर दिखते हैं ये लक्षण, खून की कमी दूर करने के लिए रोजाना पिएं ये ड्रिंकमहिलाओं में पोषक तत्वों की कमीब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं की हेल्थ पर इसका असर पड़ता है। अगर महिला को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है, तो बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कुछ महिलाएं ब्रेस्टफीड कराने के कारण कमजोर हो जाती हैं। जिस कारण वह थकान से भरी रहती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो बच्चे के लिए मां का दूध सभी तरह के पोषक तत्वों का स्त्रोत होता है। इसलिए मां जो खाती हैं, उसका पोषक तत्व दूध के जरिए बच्चे तक पहुंच जाता है। कई बार ब्रेस्टफीड कराने से महिलाओं का वेट भी कम हो जाता है।पोषक तत्वों की जरूरत का बढ़नाजो भी महिलाएं ब्रेस्टफीड कराती हैं, तो उनके द्वारा खाई हर चीज से मिला पोषण बच्चे को भी मिलता है। ऐसे में महिलाओं को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। खानपान की बात करें, तो कई महिलाएं ब्रेस्टफीड के समय भी दिन में तीन में बार हैवी मील लेती हैं। जबकि बच्चा थोड़ी-थोड़ी देर में दूध की डिमांड करता है। जिससे मां के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।सीमित चीजों का सेवनब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं उन चीजों का सेवन नहीं करती हैं, जिसका बच्चे की सेहत पर निगेटिव असर हो। जैसे डिलीवरी के कुछ दिनों बाद तक महिलाएं बंदगोफी, फूलगोफी, चने, राजमा और छोले जैसी चीजों का सेवन नहीं करती हैं। वहीं जो महिलाएं नॉनवेज खाती हैं, वह कुछ समय के लिए इसको भी छोड़ देती हैं। जिससे महिलाओं के पास पौष्टिक चीजों के ऑप्शन कम रह जाते हैं। वहीं बार-बार एक ही चीज खाने से महिलाओं की डाइट में भी कमी आती है और उनको पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है।किस तरह के पोषक तत्वों की जरूरतहेल्थ एक्सपर्ट की मानें, महिलाओं में ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कई अहम पोषक तत्व कम हो सकते हैं। जिनमें प्रोटीन, कैलोरी, विटामिन और मिनरल्स आदि शामिल हैं। खासकर विटामिन डी, विटामिन बी12 और आयरन आदि है। बता दें कि आयरन बहुत जरूरी तत्व है। जो न सिर्फ प्रेग्नेंसी में जरूरी होता है, बल्कि ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं के लिए भी जरूरी है। आयरन की कमी से शरीर में रेड ब्लड सेल्स प्रोडक्शन कम हो सकता है। जिसकी वजह से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है। इसलिए महिलाओंको ब्रेस्टफीड कराने में थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है।डॉक्टर की सलाहब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को न्यूट्रिएंट्स के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करना चाहिए। अगर किसी महिला में पहले से पोषक तत्वों की कमी है, तो उनको डॉक्टर से संपर्क करके सप्लीमेंट शामिल करना चाहिए। अपनी डाइट में तरह-तरह के फल और सब्जियां शामिल करना चाहिए। वहीं जो लोग नॉनवेज खाते हैं, तो उसे भी डाइट का हिस्सा बनाएं। इससे आपको प्रोटीन मिलेगा।

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Aug 8, 2025 - 04:30
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Health Tips: ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं में हो सकती है पोषक तत्वों की कमी, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट
अक्सर लोगों से आपने यह कहते सुना होगा कि हर महिला को अपने नवजात बच्चे को बेस्टफ्रीड करवाना चाहिए। जिससे कि नवजात बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं। इसलिए मां को हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि मां जैसी डाइट लेती है, वैसा ही बच्चे की सेहत होती है। इसलिए अगर महिला ऐसी चीजें खा ले, जिससे ब्लोटिंग और गैस की दिक्कत तो सकती है, तो बच्चे की भी सेहत खराब हो जाती है।

लेकिन क्या आपने सोचा है कि जिस तरह से महिलाएं अपने नवजात बच्चे की सेहत के हिसाब से डाइट प्लान करती हैं। ऐसे में ब्रेस्टफीड कराने का उनकी सेहत पर क्या असर पड़ता है। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि क्या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर दिखते हैं ये लक्षण, खून की कमी दूर करने के लिए रोजाना पिएं ये ड्रिंक


महिलाओं में पोषक तत्वों की कमी

ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं की हेल्थ पर इसका असर पड़ता है। अगर महिला को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है, तो बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कुछ महिलाएं ब्रेस्टफीड कराने के कारण कमजोर हो जाती हैं। जिस कारण वह थकान से भरी रहती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो बच्चे के लिए मां का दूध सभी तरह के पोषक तत्वों का स्त्रोत होता है। इसलिए मां जो खाती हैं, उसका पोषक तत्व दूध के जरिए बच्चे तक पहुंच जाता है। कई बार ब्रेस्टफीड कराने से महिलाओं का वेट भी कम हो जाता है।

पोषक तत्वों की जरूरत का बढ़ना

जो भी महिलाएं ब्रेस्टफीड कराती हैं, तो उनके द्वारा खाई हर चीज से मिला पोषण बच्चे को भी मिलता है। ऐसे में महिलाओं को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। खानपान की बात करें, तो कई महिलाएं ब्रेस्टफीड के समय भी दिन में तीन में बार हैवी मील लेती हैं। जबकि बच्चा थोड़ी-थोड़ी देर में दूध की डिमांड करता है। जिससे मां के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

सीमित चीजों का सेवन

ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं उन चीजों का सेवन नहीं करती हैं, जिसका बच्चे की सेहत पर निगेटिव असर हो। जैसे डिलीवरी के कुछ दिनों बाद तक महिलाएं बंदगोफी, फूलगोफी, चने, राजमा और छोले जैसी चीजों का सेवन नहीं करती हैं। वहीं जो महिलाएं नॉनवेज खाती हैं, वह कुछ समय के लिए इसको भी छोड़ देती हैं। जिससे महिलाओं के पास पौष्टिक चीजों के ऑप्शन कम रह जाते हैं। वहीं बार-बार एक ही चीज खाने से महिलाओं की डाइट में भी कमी आती है और उनको पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है।

किस तरह के पोषक तत्वों की जरूरत

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, महिलाओं में ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कई अहम पोषक तत्व कम हो सकते हैं। जिनमें प्रोटीन, कैलोरी, विटामिन और मिनरल्स आदि शामिल हैं। खासकर विटामिन डी, विटामिन बी12 और आयरन आदि है। बता दें कि आयरन बहुत जरूरी तत्व है। जो न सिर्फ प्रेग्नेंसी में जरूरी होता है, बल्कि ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं के लिए भी जरूरी है। आयरन की कमी से शरीर में रेड ब्लड सेल्स प्रोडक्शन कम हो सकता है। जिसकी वजह से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है। इसलिए महिलाओंको ब्रेस्टफीड कराने में थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है।

डॉक्टर की सलाह

ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को न्यूट्रिएंट्स के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करना चाहिए। अगर किसी महिला में पहले से पोषक तत्वों की कमी है, तो उनको डॉक्टर से संपर्क करके सप्लीमेंट शामिल करना चाहिए। अपनी डाइट में तरह-तरह के फल और सब्जियां शामिल करना चाहिए। वहीं जो लोग नॉनवेज खाते हैं, तो उसे भी डाइट का हिस्सा बनाएं। इससे आपको प्रोटीन मिलेगा।

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