Health Tips: पीरियड्स में भी नहीं रुकेगा फैट लॉस, बस डाइट में करें ये छोटे बदलाव

फैट लॉस के दौरान पीरियड्स के दिन आते ही अक्सर महिलाओं की पूरी जर्नी गड़बड़ा जाती है। यह वह वक्त होता है, जब क्रेविंग्स को रोक पाना काफी मुश्किल होता है। कभी मीठा खाने का मन करता है, तो कभी बहुत ज्यादा भूख लगती है और कभी पेट इतना फूला हुआ महसूस होता है कि लगता है जैसे पिछले कई दिनों की मेहनत बेकार हो गई। इतना ही नहीं, इन दिनों स्केल पर वजन भी काफी बढ़ा हुआ नजर आता है। ऐसे में पूरा मूड ही खराब हो जाता है।  अमूमन इस दौरान अक्सर महिलाएं अपनी पूरी डाइट से फोकस हटा देती हैं और बाद में गिल्ट की वजह से दोबारा अपनी जर्नी शुरू ही नहीं करतीं। हो सकता है कि आपके साथ भी ऐसा हुआ हो। तो चलिए जानते हैं कि वेट लॉस जर्नी में पीरियड्स के दौरान अपनी डाइट में किस तरह के बदलाव करें, जिससे क्रेविंग्स और वजन दोनों को मैनेज किया जा सके- इसे भी पढ़ें: Health Tips: 'Self-Confidence' पर चोट करते हैं पीरियड्स कमेंट्स, महिलाओं की 'Mental Health' पर पड़ता है गहरा असरसमझदारी से खाएं मीठापीरियड्स के दौरान अक्सर मीठा खाने की बहुत अधिक क्रेविंग्स हो सकती है। ऐसे में खुद को बहुत ज्यादा रोकने की कोशिश ना करें। दरअसल, ऐसे में आप अचानक बहुत ज्यादा खा सकती हैं। कोशिश करें कि आप मीठा स्मार्टली खाएं। मसलन, पहले प्रोटीन व फाइबर वाला भोजन लें और फिर छोटी मात्रा में अपनी पसंद की चीज खाएं। मीठे की इच्छा पर दही के साथ फल और थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट लिया जा सकता है।  इन दिनों सिर्फ सलाद खाकर काम न चलाएंअगर आप फैट लॉस पर हैं तो पीरियड्स में वजन बढ़ने के डर से खाना कम करने की कोशिश ना करें। इस दौरान शरीर पहले ही से थका हुआ महसूस कर रहा होता है और ऐसे में सिर्फ सलाद या सूप पर टिके रहना अच्छा विचार नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपनी थाली में दाल, चना, राजमा, लोबिया, पनीर या दही जैसे प्रोटीन स्रोत के साथ रोटी, चावल या कोई दूसरा संतुलित कार्बाेहाइड्रेट और सब्जियां रखें। पेट भी ज्यादा देर तक भरा रहेगा और बार-बार कुछ खाने का मन भी कम होगा।हर भोजन में प्रोटीनयह एक आसान रूल है, जो पीरियड्स के दौरान आपकी भूख व क्रेविंग्स को मैनेज करने में मददगार साबित हो सकता है। कोशिश करें कि आप अपने भोजन को सिर्फ कम कैलोरी वाला बनाने के बजाय भरपेट और संतोषजनक बनाएं। इसके लिए हर मील में प्रोटीन को जरूर शामिल करें। नाश्ते में दही या दूध, दोपहर के खाने में दाल या पनीर और शाम को भुना चना जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। इससे आपको हर थोड़ी देर में कुछ खाने की जरूरत कम महसूस होगी।नमकीन चीजों पर रखें नजरपीरियड्स के दिनों में अक्सर हम बहुत ज्यादा नमकीन चिप्स, पैकेट वाले नाश्ते, अचार और दूसरी अधिक नमक वाली चीजों का सेवन अनजाने में कर लेते हैं। जिससे ब्लोटिंग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। कोशिश करें कि आप इनकी जगह घर का बना नाश्ता, फल, दही, भुना चना या मखाना जैसे विकल्प रखें। इससे आपकी खाने की इच्छा भी पूरी होगी और बेवजह ज्यादा नमक लेने से बचेंगी।याद रखें कि पीरियड्स के आसपास आपका वजन अचानक 500 ग्राम या 1 किलो ऊपर चला गया, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ दिनों का वजन पानी, ब्लोटिंग और पाचन में बदलाव से प्रभावित हो सकता है।  - मिताली जैन

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Aug 14, 2026 - 10:41
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Health Tips: पीरियड्स में भी नहीं रुकेगा फैट लॉस, बस डाइट में करें ये छोटे बदलाव
फैट लॉस के दौरान पीरियड्स के दिन आते ही अक्सर महिलाओं की पूरी जर्नी गड़बड़ा जाती है। यह वह वक्त होता है, जब क्रेविंग्स को रोक पाना काफी मुश्किल होता है। कभी मीठा खाने का मन करता है, तो कभी बहुत ज्यादा भूख लगती है और कभी पेट इतना फूला हुआ महसूस होता है कि लगता है जैसे पिछले कई दिनों की मेहनत बेकार हो गई। इतना ही नहीं, इन दिनों स्केल पर वजन भी काफी बढ़ा हुआ नजर आता है। ऐसे में पूरा मूड ही खराब हो जाता है।  

अमूमन इस दौरान अक्सर महिलाएं अपनी पूरी डाइट से फोकस हटा देती हैं और बाद में गिल्ट की वजह से दोबारा अपनी जर्नी शुरू ही नहीं करतीं। हो सकता है कि आपके साथ भी ऐसा हुआ हो। तो चलिए जानते हैं कि वेट लॉस जर्नी में पीरियड्स के दौरान अपनी डाइट में किस तरह के बदलाव करें, जिससे क्रेविंग्स और वजन दोनों को मैनेज किया जा सके- 

इसे भी पढ़ें: Health Tips: 'Self-Confidence' पर चोट करते हैं पीरियड्स कमेंट्स, महिलाओं की 'Mental Health' पर पड़ता है गहरा असर

समझदारी से खाएं मीठा

पीरियड्स के दौरान अक्सर मीठा खाने की बहुत अधिक क्रेविंग्स हो सकती है। ऐसे में खुद को बहुत ज्यादा रोकने की कोशिश ना करें। दरअसल, ऐसे में आप अचानक बहुत ज्यादा खा सकती हैं। कोशिश करें कि आप मीठा स्मार्टली खाएं। मसलन, पहले प्रोटीन व फाइबर वाला भोजन लें और फिर छोटी मात्रा में अपनी पसंद की चीज खाएं। मीठे की इच्छा पर दही के साथ फल और थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट लिया जा सकता है।  

इन दिनों सिर्फ सलाद खाकर काम न चलाएं

अगर आप फैट लॉस पर हैं तो पीरियड्स में वजन बढ़ने के डर से खाना कम करने की कोशिश ना करें। इस दौरान शरीर पहले ही से थका हुआ महसूस कर रहा होता है और ऐसे में सिर्फ सलाद या सूप पर टिके रहना अच्छा विचार नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपनी थाली में दाल, चना, राजमा, लोबिया, पनीर या दही जैसे प्रोटीन स्रोत के साथ रोटी, चावल या कोई दूसरा संतुलित कार्बाेहाइड्रेट और सब्जियां रखें। पेट भी ज्यादा देर तक भरा रहेगा और बार-बार कुछ खाने का मन भी कम होगा।

हर भोजन में प्रोटीन

यह एक आसान रूल है, जो पीरियड्स के दौरान आपकी भूख व क्रेविंग्स को मैनेज करने में मददगार साबित हो सकता है। कोशिश करें कि आप अपने भोजन को सिर्फ कम कैलोरी वाला बनाने के बजाय भरपेट और संतोषजनक बनाएं। इसके लिए हर मील में प्रोटीन को जरूर शामिल करें। नाश्ते में दही या दूध, दोपहर के खाने में दाल या पनीर और शाम को भुना चना जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। इससे आपको हर थोड़ी देर में कुछ खाने की जरूरत कम महसूस होगी।

नमकीन चीजों पर रखें नजर

पीरियड्स के दिनों में अक्सर हम बहुत ज्यादा नमकीन चिप्स, पैकेट वाले नाश्ते, अचार और दूसरी अधिक नमक वाली चीजों का सेवन अनजाने में कर लेते हैं। जिससे ब्लोटिंग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। कोशिश करें कि आप इनकी जगह घर का बना नाश्ता, फल, दही, भुना चना या मखाना जैसे विकल्प रखें। इससे आपकी खाने की इच्छा भी पूरी होगी और बेवजह ज्यादा नमक लेने से बचेंगी।

याद रखें कि पीरियड्स के आसपास आपका वजन अचानक 500 ग्राम या 1 किलो ऊपर चला गया, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ दिनों का वजन पानी, ब्लोटिंग और पाचन में बदलाव से प्रभावित हो सकता है।  

- मिताली जैन

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