स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लोग खाते-पीते, उठते-बैठते और यहां तक कि टॉयलेट में भी फोन का इस्तेमाल करने लगे हैं। टॉयलेट पर बैठकर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और खबरें पढ़ना भले ही एक आम आदत हो, लेकिन यह आदत सेहत के लिए ठीक नहीं है। शोधकर्ताओं के नए अध्ययन में सामने आया है कि टॉयलेट सीट पर बैठकर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों में बवासीर होने का खतरा फोन न इस्तेमाल करने वालों की तुलना में 46% ज्यादा है।
हाल ही में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। बवासीर को मेडिकल भाषा में हेमोरॉयड्स कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गुदा और मलाशय की नसें सूज जाती हैं। जिससे जलन, दर्द और कई मामलों में रक्तस्त्राव भी हो सकता है। लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठे रहना बवासीर के जोखिम कारकों में से एक है। क्योंकि इससे गुदा क्षेत्र की नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। इस शोध में 125 वयस्कों को शामिल किया गया है। जोकि नियमित जांच के लिए कोलोनोस्कोपी करवाने आए थे।
अनजाने में बिताते हैं ज्यादा समय
शोधकर्ताओं के मुताबिक जब लोग टॉयलेट सीट पर बैठकर समाचार, सोशल मीडिया या वीडियो देखने लगते हैं। तो उनको समय का एहसास नहीं होता है। इस वजह से वह अंजाने में लंबे समय तक बैठे रहते हैं। ज्यादा देर तक बैठने से मलाशय और गुदा की नसों पर दबाव बढ़ता है। जिससे सूजन की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि इस अध्ययन में जोर लगाने और बवासीर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है। जिससे यह संकेत मिलता है कि सिर्फ दबाव डालना ही नहीं बल्कि लंबे समय तक बैठे रहना भी बवासीर के खतरे को बढ़ाने का अहम कारण हो सकता है।
ऐसे बरतें सावधानी
विशेषज्ञों की मानें, तो टॉयलेट पर सिर्फ इतना ही समय बिताना चाहिए। जितना वास्तव में जरूरी हो। अगर मल त्याग में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है, तो यह समझना बेहद जरूरी है कि वजह शारीरिक या फिर आप फोन में व्यस्त हैं। हेल्थ एक्सपर्ट फाइबर युक्त डाइट लेने, नियमित व्यायाम करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह देते हैं। वहीं बाथरूम में स्मार्टफोन ले जाने की आदत को छोड़ना छोटा लेकिन प्रभावी कदम हो सकता है।
भले ही स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन हर समय और हर जगह स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। टॉयलेट पर बैठकर फोन चलाने की आदत भले ही आपको मामूली लगती हो, लेकिन यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्या की वजह बन सकती है।