Health Tips: Heatwave का आंखों पर 'साइलेंट अटैक', बढ़ रहा Redness और Infection का खतरा, जानें ये Eye Care Tips

बढ़ती गर्मी को हम सिर्फ डिहाइड्रेशन, लू या सनबर्न से जोड़कर देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका असर आपकी आंखों पर भी देखने को मिल सकता है। गर्मियों में ड्राई आइज, जल, एनर्जी और धुंधला दिखने की समस्या बढ़ जाती है। जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है, तो लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि हीटवेव का आपकी आंखों पर क्या असर होता है और इस समस्या से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए।हीटवेव आंखों को ऐसे पहुंचाती है नुकसानटियर फिल्म का सूख जानाबता दें कि हमारी आंखों की सतह को सेफ और नमी बनाए रखने के लिए एक बारीक टियर फिल्म होती है। जोकि प्रदूषण, धूल और इंफेक्शन से बचाव करती है। हीटवेव के दौरान चलने वाली गर्म हवाएं, तेज धूप और शरीर में पानी की कमी इस नमी को तेजी से सुखा देती है। इससे आंखों में ड्राईनेस की समस्या और कॉर्निया में जलन का खतरा बढ़ जाता है।इसे भी पढ़ें: Hormonal Imbalance है Mood Swings की वजह? Diet और Fitness से ऐसे करें कंट्रोलAC और बाहरी तापमान में बदलावअक्सर लोग तेज गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर में बैठते हैं। फिर बाहर धूप में काम के लिए जाते हैं। तापमान में अचानक बदलाव और AC की ड्राई हवा आंखों की नमी को कम कर देती है। जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।बच्चों और युवाओं पर असरगर्मी की छुट्टियों में बच्चे और युवा लैपटॉप, मोबाइल या टैबलेट पर अधिक समय बिताते हैं। स्क्रीन देखने के दौरान हम कम पलकें झपकाते हैं। जिससे आंखों में ड्राईनेस और डिजिटल आई स्ट्रोन, खुजली, रेडनेस और जलन की समस्या बढ़ जाती है।UV रेडिएशन के नुकसानवहीं सुबह के 10 बजे से दोपहर के 3 बजे तक सूर्य की UV किरणों का स्तर सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान अगर सीधी धूप के संपर्क में आते हैं, तो रेटिना को नुकसान, मोतियाबिंद का तेजी से बढ़ना, फोटोकेराइटाइटिस यानी आंखों का सनबर्न और टेरीजियम जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।आंखों को ऐसे रखें सुरक्षितजब भी आप धूप में घर से बाहर जाए, तो हमेशा अच्छी क्वालिटी वाले सनग्लासेज पहनने चाहिए, जो 100% UV किरणों को रोकते हों।दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, इसके अलावा आप नींबू पानी या नारियल पानी भी पी सकते हैं। इससे शरीर के साथ-साथ आंखों में भी नमी बनी रहती है।जब भी आप मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप का इस्तेमाल करें, तो हर 20 मिनट बाद, 20 फीट दूर किसी चीज को कम से कम 20 सेकेंड देखें। इससे आंखों की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है।जब भी बाहर से वापस आएं, तो आंखों को ठंडे और साफ पानी से धोना चाहिए। इस दौरान आंखों को रगड़ने से बचें। क्योंकि ऐसा करने से इंफेक्शन फैल सकता है।आंखों में रेडनेस या जलन की समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई आई ड्रॉप न डालें।

PNSPNS
Jun 17, 2026 - 09:10
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Health Tips: Heatwave का आंखों पर 'साइलेंट अटैक', बढ़ रहा Redness और Infection का खतरा, जानें ये Eye Care Tips
बढ़ती गर्मी को हम सिर्फ डिहाइड्रेशन, लू या सनबर्न से जोड़कर देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका असर आपकी आंखों पर भी देखने को मिल सकता है। गर्मियों में ड्राई आइज, जल, एनर्जी और धुंधला दिखने की समस्या बढ़ जाती है। जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है, तो लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि हीटवेव का आपकी आंखों पर क्या असर होता है और इस समस्या से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

हीटवेव आंखों को ऐसे पहुंचाती है नुकसान


टियर फिल्म का सूख जाना

बता दें कि हमारी आंखों की सतह को सेफ और नमी बनाए रखने के लिए एक बारीक टियर फिल्म होती है। जोकि प्रदूषण, धूल और इंफेक्शन से बचाव करती है। हीटवेव के दौरान चलने वाली गर्म हवाएं, तेज धूप और शरीर में पानी की कमी इस नमी को तेजी से सुखा देती है। इससे आंखों में ड्राईनेस की समस्या और कॉर्निया में जलन का खतरा बढ़ जाता है।

इसे भी पढ़ें: Hormonal Imbalance है Mood Swings की वजह? Diet और Fitness से ऐसे करें कंट्रोल


AC और बाहरी तापमान में बदलाव

अक्सर लोग तेज गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर में बैठते हैं। फिर बाहर धूप में काम के लिए जाते हैं। तापमान में अचानक बदलाव और AC की ड्राई हवा आंखों की नमी को कम कर देती है। जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।

बच्चों और युवाओं पर असर

गर्मी की छुट्टियों में बच्चे और युवा लैपटॉप, मोबाइल या टैबलेट पर अधिक समय बिताते हैं। स्क्रीन देखने के दौरान हम कम पलकें झपकाते हैं। जिससे आंखों में ड्राईनेस और डिजिटल आई स्ट्रोन, खुजली, रेडनेस और जलन की समस्या बढ़ जाती है।

UV रेडिएशन के नुकसान

वहीं सुबह के 10 बजे से दोपहर के 3 बजे तक सूर्य की UV किरणों का स्तर सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान अगर सीधी धूप के संपर्क में आते हैं, तो रेटिना को नुकसान, मोतियाबिंद का तेजी से बढ़ना, फोटोकेराइटाइटिस यानी आंखों का सनबर्न और टेरीजियम जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

आंखों को ऐसे रखें सुरक्षित

जब भी आप धूप में घर से बाहर जाए, तो हमेशा अच्छी क्वालिटी वाले सनग्लासेज पहनने चाहिए, जो 100% UV किरणों को रोकते हों।

दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, इसके अलावा आप नींबू पानी या नारियल पानी भी पी सकते हैं। इससे शरीर के साथ-साथ आंखों में भी नमी बनी रहती है।

जब भी आप मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप का इस्तेमाल करें, तो हर 20 मिनट बाद, 20 फीट दूर किसी चीज को कम से कम 20 सेकेंड देखें। इससे आंखों की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है।

जब भी बाहर से वापस आएं, तो आंखों को ठंडे और साफ पानी से धोना चाहिए। इस दौरान आंखों को रगड़ने से बचें। क्योंकि ऐसा करने से इंफेक्शन फैल सकता है।

आंखों में रेडनेस या जलन की समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई आई ड्रॉप न डालें।

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