Health Tips: माइंडलेस स्नैकिंग करने की है आदत, तो आजमाएं ये आसान ट्रिक

हम सभी की वेट लॉस जर्नी में सबसे बड़ा विलेन होता है माइंडलेस स्नैकिंग। कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारा कुछ ना कुछ खाने का मन करता है, भले ही हमें भूख ना लगी हो। ऐसे में हम कभी बिस्किट तो कभी चॉकलेट या चिप्स खा लेते हैं और हमें पता ही नहीं चलता कि हम कितनी कैलोरी इनटेक करते हैं। इसकी वजह ना केवल क्रेविंग बढ़ने लगती है, बल्कि एनर्जी भी कम महसूस होती है।  आज के समय में जब लोगों का लाइफस्टाइल काफी बिजी हो गया है और तनाव व स्क्रीन टाइम भी बढ़ने लगता है तो इस तरह की अनहेल्दी मंचिंग और माइंडलेस स्नैकिंग की आदत भी बढ़ने लगी है। हालांकि, अगर आप एक हेल्दी वजन के साथ अच्छा लाइफस्टाइल जीना चाहते हैं तो आपको सख्त डाइटिंग करने या फिर खुद को भूखा रखने की जरूरत नहीं है। सिर्फ एक आसान ट्रिक को आजमाकर आप अपनी इस आदत को आसानी से कंट्रोल कर सकती हैं। तो चलिए आज इस आसान ट्रिक के बारे में-इसे भी पढ़ें: Vitamin D की कमी कर सकती है आपकी Gut Health बर्बाद, पेट की सूजन और दर्द को न करें Ignoreरुकें और पीएं पानी माइंडलेस स्नैकिंग को रोकने की ट्रिक बेहद ही आसान है। इसके लिए आप पहले रुकें और पानी पीएं। मसलन, जब भी अचानक आपको स्नैकिंग का मन हो तो ऐसे में आप इंस्टेंट पैकेट खोलने की जगह 5 मिनट रुकें और फिर एक गिलास पानी पीएं। यह एक बेहद ही सिंपल सी आदत है, लेकिन काफी पावरफुल है।इस ट्रिक से कैसे मिलता है फायदाअगर आप इस ट्रिक को आजमाते हैं तो इससे आपको कई अलग-अलग तरीकों से फायदा मिलता है -सबसे पहले तो आपको असली भूख व नकली भूख के बीच अंतर करने में मदद मिलती है। दरसअल, कई बार बॉडी को खाना नहीं, हाइड्रेशन चाहिए होती है। हम प्यास को भूख समझते हैं। जब आप पानी पीते हो और 5 मिनट रुकते हो, तब समझ आता है कि सच में भूख थी या सिर्फ प्यास। इस ट्रिक से इंस्टेंट क्रेविंग को ब्रेक करना आसान होता है। दरअसल, माइंडलेस ईटिंग इम्पल्सिव होती है। दिमाग बोलता है कि अभी चिप्स खा लो। अगर आप तुरंत चिप्स खा लेंगे तो यह आदत जारी रहेगी। लेकिन जब आप 5 मिनट रुके हो तो दिमाग का ऑटोमैटिक मोड ब्रेक हो जाता है। जिससे खुद पर कंट्रोल बेहतर होता है। बहुत से लोग स्ट्रेस, टेंशन, बोरियत या मूड के कारण से स्नैक करते हैं। ऐसे में जब आप रुकते हैं तो इससे आपको खुद से पूछने का मौका मिलता है कि क्या मुझे भूख है या मैं बोर या तनावग्रस्त हूं? जिससे इमोशनल ईटिंग कम होती है।यह ट्रिक पोर्शन कंट्रोल करने में भी मददगार है। अगर 5 मिनट रुकने के बाद भी भूख लगेगी तो यकीनन आप स्मार्ट चॉइस जैसे फल, दही, भुना चना या मखाने आदि लोगे।- मिताली जैन

PNSPNS
Apr 30, 2026 - 10:54
 0
Health Tips: माइंडलेस स्नैकिंग करने की है आदत, तो आजमाएं ये आसान ट्रिक
हम सभी की वेट लॉस जर्नी में सबसे बड़ा विलेन होता है माइंडलेस स्नैकिंग। कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारा कुछ ना कुछ खाने का मन करता है, भले ही हमें भूख ना लगी हो। ऐसे में हम कभी बिस्किट तो कभी चॉकलेट या चिप्स खा लेते हैं और हमें पता ही नहीं चलता कि हम कितनी कैलोरी इनटेक करते हैं। इसकी वजह ना केवल क्रेविंग बढ़ने लगती है, बल्कि एनर्जी भी कम महसूस होती है।  

आज के समय में जब लोगों का लाइफस्टाइल काफी बिजी हो गया है और तनाव व स्क्रीन टाइम भी बढ़ने लगता है तो इस तरह की अनहेल्दी मंचिंग और माइंडलेस स्नैकिंग की आदत भी बढ़ने लगी है। हालांकि, अगर आप एक हेल्दी वजन के साथ अच्छा लाइफस्टाइल जीना चाहते हैं तो आपको सख्त डाइटिंग करने या फिर खुद को भूखा रखने की जरूरत नहीं है। सिर्फ एक आसान ट्रिक को आजमाकर आप अपनी इस आदत को आसानी से कंट्रोल कर सकती हैं। तो चलिए आज इस आसान ट्रिक के बारे में-

इसे भी पढ़ें: Vitamin D की कमी कर सकती है आपकी Gut Health बर्बाद, पेट की सूजन और दर्द को न करें Ignore

रुकें और पीएं पानी 

माइंडलेस स्नैकिंग को रोकने की ट्रिक बेहद ही आसान है। इसके लिए आप पहले रुकें और पानी पीएं। मसलन, जब भी अचानक आपको स्नैकिंग का मन हो तो ऐसे में आप इंस्टेंट पैकेट खोलने की जगह 5 मिनट रुकें और फिर एक गिलास पानी पीएं। यह एक बेहद ही सिंपल सी आदत है, लेकिन काफी पावरफुल है।

इस ट्रिक से कैसे मिलता है फायदा

अगर आप इस ट्रिक को आजमाते हैं तो इससे आपको कई अलग-अलग तरीकों से फायदा मिलता है -
सबसे पहले तो आपको असली भूख व नकली भूख के बीच अंतर करने में मदद मिलती है। दरसअल, कई बार बॉडी को खाना नहीं, हाइड्रेशन चाहिए होती है। हम प्यास को भूख समझते हैं। जब आप पानी पीते हो और 5 मिनट रुकते हो, तब समझ आता है कि सच में भूख थी या सिर्फ प्यास। 

इस ट्रिक से इंस्टेंट क्रेविंग को ब्रेक करना आसान होता है। दरअसल, माइंडलेस ईटिंग इम्पल्सिव होती है। दिमाग बोलता है कि अभी चिप्स खा लो। अगर आप तुरंत चिप्स खा लेंगे तो यह आदत जारी रहेगी। लेकिन जब आप 5 मिनट रुके हो तो दिमाग का ऑटोमैटिक मोड ब्रेक हो जाता है। जिससे खुद पर कंट्रोल बेहतर होता है। 

बहुत से लोग स्ट्रेस, टेंशन, बोरियत या मूड के कारण से स्नैक करते हैं। ऐसे में जब आप रुकते हैं तो इससे आपको खुद से पूछने का मौका मिलता है कि क्या मुझे भूख है या मैं बोर या तनावग्रस्त हूं? जिससे इमोशनल ईटिंग कम होती है।

यह ट्रिक पोर्शन कंट्रोल करने में भी मददगार है। अगर 5 मिनट रुकने के बाद भी भूख लगेगी तो यकीनन आप स्मार्ट चॉइस जैसे फल, दही, भुना चना या मखाने आदि लोगे।

- मिताली जैन

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow