H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर फीस लगाने से इन टेक कंपनियों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर, आईटी प्रोफेशनल्स संकट में
अमेरिका के संघीय आंकड़ों के अनुसार, भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 2025 तक 5000 से ज्यादा स्वीकृत H-1B वीजा के साथ इस प्रोग्राम की दूसरी सबसे बड़ी लाभार्थी है।
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