Ganderbal Encounter मामले पर J&K में सियासत तेज, LG Manoj Sinha ने दिए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल जिले में हुई मुठभेड़ के मामले में आज मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख दलों के नेताओं ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई इस मुठभेड़ पर सवाल उठाए थे। मनोज सिन्हा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने गांदरबल के अरहामा में हुई मुठभेड़ की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच के जरिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।’’ हम आपको बता दें कि मारे गए युवक राशिद अहमद मुगल के परिजन ने दावा किया था कि उसका आतंकवाद से कोई संबंध नहीं था।इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मेरा मानना है कि परिवार के दावे को सिरे से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। कम से कम इस घटना की पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "जांच की घोषणा में देरी करने का कोई भी प्रयास केवल विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाएगा और यह किसी के भी हित में नहीं होगा।" इसे भी पढ़ें: 120 साल पुरानी योजना को Omar Abdullah ने किया बहाल, Pakistan हैरान, Indus Waters Treaty पर रोक के बीच J&K में बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमताइस बीच, उपराज्यपाल के आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग ने गांदरबल के जिलाधिकारी को सात दिन के भीतर जांच पूरी कराने का निर्देश दिया है। गृह विभाग ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा, “एक अप्रैल 2026 को गांदरबल के अरहामा में हुई मुठभेड़ में गांदरबल के चुंटवालीवार लार निवासी गुल जमान मुगल के पुत्र राशिद अहमद मुगल की मृत्यु हुई थी।” पत्र में कहा गया है कि मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराई जाए तथा इसकी रिपोर्ट सात दिन के भीतर गृह विभाग को सौंप दी जाए।हम आपको बता दें कि श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित अरहामा गांव में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के आधार पर मंगलवार रात घेराबंदी करके एक तलाश अभियान शुरू किया गया था। श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर गांदरबल के अरहामा क्षेत्र में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया गया।’’ सेना ने कहा, ‘‘तलाश के दौरान सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। चुनौती दिये जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद हमारे सैन्य बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।’’ सेना ने बताया कि सैनिकों ने सुनियोजित जवाबी कार्रवाई करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया।इस खबर के बाद कश्मीर में राजनीति शुरू हो गयी क्योंकि राशिद अहमद मुगल के परिजनों ने कहा कि उसका आतंकवाद से कोई संबंध नहीं था। खबरों के मुताबिक, राशिद के परिजनों ने बताया कि वह स्थानीय ग्रामीणों को बैंक ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए फॉर्म भरने में मदद करने के लिए एक संस्थान चलाता था। हम आपको यह भी बता दें कि इस आरोप के सामने आने के बाद उपराज्यपाल के प्रशासन ने पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल के तहत गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) खलील अहमद पोसवाल सहित 82 अधिकारियों का तबादला किया है। तीस अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले पोसवाल का तबादला 12वीं इंडिया रिजर्व बटालियन में कमांडेंट के रूप में कर दिया गया है। 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी सुधांशु धामा गांदरबल के नए एसएसपी बनाए गए हैं।

PNSPNS
Apr 4, 2026 - 09:23
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Ganderbal Encounter मामले पर J&K में सियासत तेज, LG Manoj Sinha ने दिए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल जिले में हुई मुठभेड़ के मामले में आज मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख दलों के नेताओं ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई इस मुठभेड़ पर सवाल उठाए थे। मनोज सिन्हा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने गांदरबल के अरहामा में हुई मुठभेड़ की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच के जरिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।’’ हम आपको बता दें कि मारे गए युवक राशिद अहमद मुगल के परिजन ने दावा किया था कि उसका आतंकवाद से कोई संबंध नहीं था।

इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मेरा मानना है कि परिवार के दावे को सिरे से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। कम से कम इस घटना की पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "जांच की घोषणा में देरी करने का कोई भी प्रयास केवल विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाएगा और यह किसी के भी हित में नहीं होगा।" 

इसे भी पढ़ें: 120 साल पुरानी योजना को Omar Abdullah ने किया बहाल, Pakistan हैरान, Indus Waters Treaty पर रोक के बीच J&K में बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता

इस बीच, उपराज्यपाल के आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग ने गांदरबल के जिलाधिकारी को सात दिन के भीतर जांच पूरी कराने का निर्देश दिया है। गृह विभाग ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा, “एक अप्रैल 2026 को गांदरबल के अरहामा में हुई मुठभेड़ में गांदरबल के चुंटवालीवार लार निवासी गुल जमान मुगल के पुत्र राशिद अहमद मुगल की मृत्यु हुई थी।” पत्र में कहा गया है कि मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराई जाए तथा इसकी रिपोर्ट सात दिन के भीतर गृह विभाग को सौंप दी जाए।

हम आपको बता दें कि श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित अरहामा गांव में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के आधार पर मंगलवार रात घेराबंदी करके एक तलाश अभियान शुरू किया गया था। श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर गांदरबल के अरहामा क्षेत्र में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया गया।’’ सेना ने कहा, ‘‘तलाश के दौरान सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। चुनौती दिये जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद हमारे सैन्य बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।’’ सेना ने बताया कि सैनिकों ने सुनियोजित जवाबी कार्रवाई करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया।

इस खबर के बाद कश्मीर में राजनीति शुरू हो गयी क्योंकि राशिद अहमद मुगल के परिजनों ने कहा कि उसका आतंकवाद से कोई संबंध नहीं था। खबरों के मुताबिक, राशिद के परिजनों ने बताया कि वह स्थानीय ग्रामीणों को बैंक ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए फॉर्म भरने में मदद करने के लिए एक संस्थान चलाता था। हम आपको यह भी बता दें कि इस आरोप के सामने आने के बाद उपराज्यपाल के प्रशासन ने पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल के तहत गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) खलील अहमद पोसवाल सहित 82 अधिकारियों का तबादला किया है। तीस अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले पोसवाल का तबादला 12वीं इंडिया रिजर्व बटालियन में कमांडेंट के रूप में कर दिया गया है। 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी सुधांशु धामा गांदरबल के नए एसएसपी बनाए गए हैं।

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