Diabetes के मरीजों सावधान! पैर का हल्का दर्द भी हो सकता है Nerve Damage का संकेत

डायबिटीज के मरीज अक्सर पैरों की समस्या से परेशान रहते हैं, इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ब्लड शुगर की समस्या होने पर मरीज के पैरों में होने वाला हल्का सा दर्द भी किसी बड़ी समस्या का संकेत माना जा सकता है। कई बार लोग डायबिटीज में होने वाले हल्के पैरों के दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन शुगर के मरीजों में यह लापरवाही एक गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।डायबिटीज में पैरों का दर्द को इग्नोर न करेंहेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर की नसों, ब्लड वेसल्स और पैरों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण डायबिटीज के मरीजो को पैरों में होने वाले हल्के दर्द को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।दर्द नसों को नुकसान पहुंचाने का संकेतलंबे समय से ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसका असर आपके पैरों की नसों पर भी पड़ता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी के रुप में जाना जाता है। इसके कारण पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्नपन या हल्का दर्द महसूस हो सकता है। शुरुआत में ये लक्षण नॉर्मल लग सकते हैं, हालांकि यह बाद में पैरों की सेंसिटिविटी कम हो जाती है। कई बार तो मरीज को चोट लगने पर कुछ महसूस नहीं होता है। खराब ब्लड सर्कुलेशन हो सकता है कारणडायबिटीज का असर पैरों की नसों और रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है, जिससे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। इस समस्या को पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) कहा जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को चलते समय पैरों में दर्द महसूस हो सकता है, पैरों में कमजोरी और सुन्नपन आ सकता है, पैर अक्सर ठंडे रहने लगते हैं और चोट या घाव भरने में काफी समय लग सकता है। यदि इस स्थिति पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।छोटे घाव भी बन सकते हैं खतरनाकडायबिटीज के मरीजों में पैरों में मामूली कट, छाले या स्किन फटना भी गंभीर इंफेक्शन का कारण बन सकता है। खराब ब्लड सर्कुलेशन और नसों की कमजोरी के कारण घाव जल्दी से रिकवर नहीं होता है। जिससे यह समस्या अल्सर, टिश्यू डैमेज या गैंग्रीन तक पहुंच सकती है।पैरों से जुड़े किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के पैरों में दर्द, जलन, सूजन, सुन्नपन, रेडनेस या घाव दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर दिखाएं। खासकर रात के समय बढ़ने वाला दर्द नर्व डैमेज का संकेत हो सकता है।डायबिटीज में पैरों की देखभाल कैसे करेंडायबिटीज से पीड़ित मरीजों को रोज अपने पैरों की जांच करनी चाहिए। सही फुट वियर पहनना चाहिए। नंगे पैर चलने से बचना चाहिए और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। इसके साथ ही नियमित रुप से एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल भी पैरों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। 

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May 19, 2026 - 09:02
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Diabetes के मरीजों सावधान! पैर का हल्का दर्द भी हो सकता है Nerve Damage का संकेत
डायबिटीज के मरीज अक्सर पैरों की समस्या से परेशान रहते हैं, इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ब्लड शुगर की समस्या होने पर मरीज के पैरों में होने वाला हल्का सा दर्द भी किसी बड़ी समस्या का संकेत माना जा सकता है। 
कई बार लोग डायबिटीज में होने वाले हल्के पैरों के दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन शुगर के मरीजों में यह लापरवाही एक गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।

डायबिटीज में पैरों का दर्द को इग्नोर न करें

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर की नसों, ब्लड वेसल्स और पैरों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण डायबिटीज के मरीजो को पैरों में होने वाले हल्के दर्द को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दर्द नसों को नुकसान पहुंचाने का संकेत

लंबे समय से ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसका असर आपके पैरों की नसों पर भी पड़ता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी के रुप में जाना जाता है। इसके कारण पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्नपन या हल्का दर्द महसूस हो सकता है। शुरुआत में ये लक्षण नॉर्मल लग सकते हैं, हालांकि यह बाद में पैरों की सेंसिटिविटी कम हो जाती है। कई बार तो मरीज को चोट लगने पर कुछ महसूस नहीं होता है। 

खराब ब्लड सर्कुलेशन हो सकता है कारण

डायबिटीज का असर पैरों की नसों और रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है, जिससे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। इस समस्या को पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) कहा जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को चलते समय पैरों में दर्द महसूस हो सकता है, पैरों में कमजोरी और सुन्नपन आ सकता है, पैर अक्सर ठंडे रहने लगते हैं और चोट या घाव भरने में काफी समय लग सकता है। यदि इस स्थिति पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

छोटे घाव भी बन सकते हैं खतरनाक

डायबिटीज के मरीजों में पैरों में मामूली कट, छाले या स्किन फटना भी गंभीर इंफेक्शन का कारण बन सकता है। खराब ब्लड सर्कुलेशन और नसों की कमजोरी के कारण घाव जल्दी से रिकवर नहीं होता है। जिससे यह समस्या अल्सर, टिश्यू डैमेज या गैंग्रीन तक पहुंच सकती है।

पैरों से जुड़े किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के पैरों में दर्द, जलन, सूजन, सुन्नपन, रेडनेस या घाव दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर दिखाएं। खासकर रात के समय बढ़ने वाला दर्द नर्व डैमेज का संकेत हो सकता है।

डायबिटीज में पैरों की देखभाल कैसे करें

डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को रोज अपने पैरों की जांच करनी चाहिए। सही फुट वियर पहनना चाहिए। नंगे पैर चलने से बचना चाहिए और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। इसके साथ ही नियमित रुप से एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल भी पैरों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। 

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