देश की राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके से शुक्रवार तड़के एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। यहाँ स्थित एक प्रसिद्ध फर्नीचर बाजार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में छह दुकानें और वहाँ खड़ा एक टेम्पो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय बाजार बंद था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया।
तड़के 3 बजे लगी आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगोलपुरी के एस-ब्लॉक स्थित फर्नीचर बाजार में हुई। शुक्रवार तड़के लगभग 3:00 बजे दमकल विभाग को कंट्रोल रूम के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली।
चूंकि मामला फर्नीचर बाजार का था, जहाँ भारी मात्रा में सूखी लकड़ी, प्लाईवुड, फोम, रेक्सिन और थिनर जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियां मौजूद थीं, इसलिए आग बहुत तेजी से फैली। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, लपटें इतनी तेज थीं कि आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार देखा जा सकता था।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की।
गाड़ियों की तैनाती: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल की कई गाड़ियों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।
कड़ी मशक्कत: संकरी गलियों और बाजार में फैले धुएं के कारण शुरुआती दौर में दमकलकर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी सूझबूझ से आग को रिहायशी इलाकों में फैलने से रोक दिया गया।
काबू पाने का समय: दमकल विभाग के अथक प्रयासों के बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इसके बाद भी काफी देर तक 'कूलिंग ऑपरेशन' जारी रहा ताकि मलबे के नीचे दबी आग दोबारा न भड़क उठे।
नुकसान का आकलन: दुकानें और वाहन आए चपेट में
फर्नीचर बाजार में लगी इस आग के कारण दुकानदारों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। राहत की बात: दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है, जो अक्सर बाजारों में ढीले तारों या ओवरलोडिंग के कारण होती है। हालांकि, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। प्रभावित दुकानदारों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, क्योंकि इस अग्निकांड ने उनकी आजीविका को पूरी तरह से ठप कर दिया है।
यह घटना एक बार फिर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों और बाजारों में फायर सेफ्टी ऑडिट और सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।