कोविड महामारी के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि एक और वायरस ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हंटावायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है। यह एक दुर्लभ वायरस है जो इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। फिलहाल, यह केप वर्डे के तट के पास खड़ा एक क्रूज जहाज पर फैला है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि जोखिम काफी कम है और स्थिति कंट्रोल में है।
आखिर जहाज पर क्या हुआ?
147 लोगों को ले जा रहे इस क्रूज शिप पर अब तक हंटावायरस के 7 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 3 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से जहाज को किनारे से दूर खड़ा कर दिया है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि संक्रमण जहाज के अंदर से नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान दक्षिण अमेरिका में किसी जगह से शुरू हुआ था।
कितना खतरनाक है हंटावायरस?
हंटावायरस सीधा फेफड़ों पर हमला करता है, जिससे सांस लेने में गंभीर समस्या हो सकती है। सबसे ज्यादा चिंता की बात इसका इंसान से इंसान में फैलना है, हालांकि ऐसा बहुत कम होता है। WHO के मुताबिक, यह वायरस आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने वाले लोगों को ही शिकार बनाता है। जहाज जैसी बंद जगह में तो इसका खतरा रहता है, लेकिन खुले में इसके बड़े पैमाने पर फैलने की उम्मीद कम है।
क्या दुनिया पर मंडरा रहा है खतरा?
राहत की बात यह है कि इसके दुनिया भर में फैलने की संभावना बहुत कम है। यह कोई साधारण फ्लू नहीं है जो हवा के जरिए तेजी से फैल जाए। ज्यादातर हंटावायरस चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। फिलहाल जो मामले सामने आए हैं, वे एक छोटे ग्रुप तक ही सीमित हैं और जहाज के बाहर इसके फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है।
WHO की चिंता की क्या है वजह?
भले ही यह वायरस दुर्लभ हो, लेकिन WHO इसे गंभीरता से ले रहा है। एक्सपर्ट्स को शक है कि यह हंटावायरस का एंडीज वैरिएंट हो सकता है, जिसमें पहले भी इंसान से इंसान में संक्रमण फैलाने की क्षमता देखी गई है। क्रूज जहाज जैसी बंद जगहें ऐसे वायरस के लिए हॉटस्पॉट बन सकती हैं, इसलिए सावधानी बरती जा रही है।
क्या भारत को है कोई डर?
भारत के लिए फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। हमारे यहाँ इस वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है और इसके इंटरनेशनल लेवल पर फैलने के चांस भी न के बराबर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हमें बस जागरूक रहने की जरूरत है, पैनिक करने की बिल्कुल नहीं।
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
हंटावायरस के शुरुआती लक्षण बिल्कुल फ्लू जैसे होते हैं, जैसे तेज बुखार, थकान, सिरदर्द और पेट में दर्द। अगर स्थिति बिगड़ती है, तो सांस लेने में बहुत दिक्कत होने लगती है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है, तो इन लक्षणों के दिखते ही तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।