CM Fadnavis ने माधव गाडगिल के निधन पर शोक व्यक्त किया,उन्हें जनमानस का वैज्ञानिक करार दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रख्यात पारिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल के निधन पर बृहस्पतिवार को शोक व्यक्त किया औरकहा कि उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि अपने छह दशक लंबे करियर के दौरान गाडगिल कई प्रतिष्ठित पदों पर आसीन रहे लेकिन वह खुद को हमेशा ‘‘जनमानस का वैज्ञानिक’’ मानते थे। उन्होंने कहा कि गाडगिल ने अपना पूरा जीवन पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कर दिया और पारिस्थितिकी स्थिरता के बारे में जागरुकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेष रूप से पश्चिमी घाटों की जैव विविधता के संबंध में। गाडगिल ने जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता को जीवित रखने और पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में जनता की समझ को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के पुत्र गाडगिल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की थी और उनका निधन पर्यावरण संरक्षण आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उनके निधन से हमने एक ज्ञानी मार्गदर्शक को खो दिया है।’’ उन्होंने इस दिग्गज पर्यावरणविद् के परिवार, प्रशंसकों और छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। गाडगिल का पुणे में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे, वह पिछले कुछ वक्त से बीमार थे और बुधवार देर रात पुणे के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

PNSPNS
Jan 8, 2026 - 15:38
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CM Fadnavis ने माधव गाडगिल के निधन पर शोक व्यक्त किया,उन्हें जनमानस का वैज्ञानिक करार दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रख्यात पारिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल के निधन पर बृहस्पतिवार को शोक व्यक्त किया औरकहा कि उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि अपने छह दशक लंबे करियर के दौरान गाडगिल कई प्रतिष्ठित पदों पर आसीन रहे लेकिन वह खुद को हमेशा ‘‘जनमानस का वैज्ञानिक’’ मानते थे।

उन्होंने कहा कि गाडगिल ने अपना पूरा जीवन पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कर दिया और पारिस्थितिकी स्थिरता के बारे में जागरुकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेष रूप से पश्चिमी घाटों की जैव विविधता के संबंध में।

गाडगिल ने जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता को जीवित रखने और पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में जनता की समझ को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के पुत्र गाडगिल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की थी और उनका निधन पर्यावरण संरक्षण आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उनके निधन से हमने एक ज्ञानी मार्गदर्शक को खो दिया है।’’ उन्होंने इस दिग्गज पर्यावरणविद् के परिवार, प्रशंसकों और छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। गाडगिल का पुणे में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे, वह पिछले कुछ वक्त से बीमार थे और बुधवार देर रात पुणे के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

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