China ने विकसित की टनल बोरिंग मशीन, पहाड़ी इलाकों के लिए है दुनिया की पहली तकनीक

(केजेएम वर्मा) बीजिंग, चार अगस्त चीन ने दुनिया की पहली ‘टनल बोरिंग-एंड-ब्लास्टिंग’ मशीन बनाई है। यह एक नए तरह का उपकरण है, जिसे दुर्गम भू-वैज्ञानिक स्थितियों में सुरंग बनाने की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, 4.5 मीटर व्यास वाली इस मशीन का नाम ‘शियांगलोंग’ है।इसे सिंघुआ विश्वविद्यालय और सरकारी कंपनी ‘चाइना रेलवे ग्रुप’ की एक इकाई ने मिलकर बनाया है। हुबेई प्रांत की सरकार के बयान के अनुसार, यह मशीन मध्य हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में बनकर तैयार हुई। हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने मंगलवार को इस बयान का हवाला देते हुए बताया कि आम टनल बोरिंग मशीन की तुलना में छोटी यह हाइब्रिड मशीन खुदाई के साथ-साथ ‘ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग’ का काम भी एक साथ करती है।उन्होंने बताया कि इससे कठोर चट्टानों की खुदाई की क्षमता 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। अभी, मुश्किल भू-वैज्ञानिक स्थितियों का सामना करते समय इंजीनियर दो अलग-अलग प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारंपरिक टनल बोरिंग मशीन और ‘ड्रिल-एंड-ब्लास्ट’ तरीका शामिल है। बयान के अनुसार, परंपरागत टनल बोरिंग मशीन बहुत ज्यादा कठोर या टूटी-फूटी पहाड़ी चट्टानों को काटते समय धीमी हो जाती हैं, जिससे अक्सर बड़ी परियोजनाओं में देरी होती है।

PNSPNS
Aug 5, 2026 - 15:45
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China ने विकसित की टनल बोरिंग मशीन, पहाड़ी इलाकों के लिए है दुनिया की पहली तकनीक

(केजेएम वर्मा) बीजिंग, चार अगस्त चीन ने दुनिया की पहली ‘टनल बोरिंग-एंड-ब्लास्टिंग’ मशीन बनाई है। यह एक नए तरह का उपकरण है, जिसे दुर्गम भू-वैज्ञानिक स्थितियों में सुरंग बनाने की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, 4.5 मीटर व्यास वाली इस मशीन का नाम ‘शियांगलोंग’ है।

इसे सिंघुआ विश्वविद्यालय और सरकारी कंपनी ‘चाइना रेलवे ग्रुप’ की एक इकाई ने मिलकर बनाया है। हुबेई प्रांत की सरकार के बयान के अनुसार, यह मशीन मध्य हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में बनकर तैयार हुई। हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने मंगलवार को इस बयान का हवाला देते हुए बताया कि आम टनल बोरिंग मशीन की तुलना में छोटी यह हाइब्रिड मशीन खुदाई के साथ-साथ ‘ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग’ का काम भी एक साथ करती है।

उन्होंने बताया कि इससे कठोर चट्टानों की खुदाई की क्षमता 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। अभी, मुश्किल भू-वैज्ञानिक स्थितियों का सामना करते समय इंजीनियर दो अलग-अलग प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारंपरिक टनल बोरिंग मशीन और ‘ड्रिल-एंड-ब्लास्ट’ तरीका शामिल है। बयान के अनुसार, परंपरागत टनल बोरिंग मशीन बहुत ज्यादा कठोर या टूटी-फूटी पहाड़ी चट्टानों को काटते समय धीमी हो जाती हैं, जिससे अक्सर बड़ी परियोजनाओं में देरी होती है।

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