Blinkit और Swiggy की बढ़ेगी टेंशन, Zepto IPO में दिग्गज निवेशकों ने दिखाया भरोसा, Valuation में हुआ बड़ा बदलाव

क्विक कॉमर्स वाली कंपनी जेप्टो का आईपीओ बाजार में आने से पहले ही बड़े निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने कंपनी में निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि सार्वजनिक बाजार में कंपनी के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।बता दें कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड के विभिन्न निवेश फंड और मोतीलाल ओसवाल समूह ने जेप्टो के आईपीओ में निवेश के लिए बोली लगाई है। इनके अलावा कई अन्य बड़े निवेशक और प्रमुख म्यूचुअल फंड भी इस निर्गम का हिस्सा बनने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि पूरी प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम आवंटन होना बाकी है।मौजूद जानकारी के अनुसार नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड और मोतीलाल ओसवाल मिलकर कंपनी के एंकर निवेशकों के हिस्से का लगभग 40 से 45 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। एंकर निवेशक वे संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें आईपीओ खुलने से पहले शेयर आवंटित किए जाते हैं। इससे आम निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिलती है।गौरतलब है कि नॉर्वे का सरकारी पेंशन फंड वैश्विक पहले से ही कई नई डिजिटल कंपनियों में निवेश कर चुका है। इनमें इटरनल और स्विगी जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इटरनल की त्वरित सामान वितरण सेवा ब्लिंकिट और स्विगी की इंस्टामार्ट, दोनों ही जेप्टो की सीधी प्रतिस्पर्धी मानी जाती हैं। इसके बावजूद इस फंड की जेप्टो में रुचि बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।वहीं कंपनी के मूल्यांकन में इस बार बदलाव देखने को मिला है। जेप्टो का नया निवेश से पहले का मूल्यांकन करीब 4.3 अरब अमेरिकी डॉलर रखा गया है, जबकि निवेश के बाद यह लगभग 5.1 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचने का अनुमान है। यह पिछले निजी निवेश दौर की तुलना में करीब 27 प्रतिशत कम है।बता दें कि अक्टूबर 2025 में कंपनी ने लगभग 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश जुटाया था। उस समय अमेरिका के कैलपर्स सहित कई बड़े निवेशकों की भागीदारी के साथ कंपनी का मूल्यांकन करीब 7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मूल्यांकन में कमी रखने के पीछे कंपनी के अधिक नकदी खर्च, लाभ कमाने की गति और कुछ अन्य कारोबारी संकेतकों को लेकर उठे सवाल प्रमुख कारण हैं। सार्वजनिक बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत करने के लिए कई नई डिजिटल कंपनियां पहले भी निजी बाजार की तुलना में कम मूल्यांकन पर शेयर निर्गम ला चुकी हैं। मीशो जैसी कंपनियां भी पहले इसी रणनीति को अपनाने की तैयारी कर चुकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जेप्टो भी संतुलित मूल्यांकन के जरिए दीर्घकालिक निवेशकों का भरोसा मजबूत करना चाहती हैं।

PNSPNS
Jul 18, 2026 - 11:53
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Blinkit और Swiggy की बढ़ेगी टेंशन, Zepto IPO में दिग्गज निवेशकों ने दिखाया भरोसा, Valuation में हुआ बड़ा बदलाव
क्विक कॉमर्स वाली कंपनी जेप्टो का आईपीओ बाजार में आने से पहले ही बड़े निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने कंपनी में निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि सार्वजनिक बाजार में कंपनी के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

बता दें कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड के विभिन्न निवेश फंड और मोतीलाल ओसवाल समूह ने जेप्टो के आईपीओ में निवेश के लिए बोली लगाई है। इनके अलावा कई अन्य बड़े निवेशक और प्रमुख म्यूचुअल फंड भी इस निर्गम का हिस्सा बनने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि पूरी प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम आवंटन होना बाकी है।

मौजूद जानकारी के अनुसार नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड और मोतीलाल ओसवाल मिलकर कंपनी के एंकर निवेशकों के हिस्से का लगभग 40 से 45 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। एंकर निवेशक वे संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें आईपीओ खुलने से पहले शेयर आवंटित किए जाते हैं। इससे आम निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

गौरतलब है कि नॉर्वे का सरकारी पेंशन फंड वैश्विक पहले से ही कई नई डिजिटल कंपनियों में निवेश कर चुका है। इनमें इटरनल और स्विगी जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इटरनल की त्वरित सामान वितरण सेवा ब्लिंकिट और स्विगी की इंस्टामार्ट, दोनों ही जेप्टो की सीधी प्रतिस्पर्धी मानी जाती हैं। इसके बावजूद इस फंड की जेप्टो में रुचि बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

वहीं कंपनी के मूल्यांकन में इस बार बदलाव देखने को मिला है। जेप्टो का नया निवेश से पहले का मूल्यांकन करीब 4.3 अरब अमेरिकी डॉलर रखा गया है, जबकि निवेश के बाद यह लगभग 5.1 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचने का अनुमान है। यह पिछले निजी निवेश दौर की तुलना में करीब 27 प्रतिशत कम है।

बता दें कि अक्टूबर 2025 में कंपनी ने लगभग 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश जुटाया था। उस समय अमेरिका के कैलपर्स सहित कई बड़े निवेशकों की भागीदारी के साथ कंपनी का मूल्यांकन करीब 7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मूल्यांकन में कमी रखने के पीछे कंपनी के अधिक नकदी खर्च, लाभ कमाने की गति और कुछ अन्य कारोबारी संकेतकों को लेकर उठे सवाल प्रमुख कारण हैं। सार्वजनिक बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत करने के लिए कई नई डिजिटल कंपनियां पहले भी निजी बाजार की तुलना में कम मूल्यांकन पर शेयर निर्गम ला चुकी हैं। मीशो जैसी कंपनियां भी पहले इसी रणनीति को अपनाने की तैयारी कर चुकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जेप्टो भी संतुलित मूल्यांकन के जरिए दीर्घकालिक निवेशकों का भरोसा मजबूत करना चाहती हैं।

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