Bihar Politics: Floor Test में सम्राट चौधरी की बड़ी जीत, तेजस्वी को दिया करारा जवाब

बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। चौधरी ने एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान यह प्रस्ताव पेश किया कि सदन राज्य की वर्तमान मंत्रिपरिषद पर अपना विश्वास बनाए रखे। 243 सदस्यीय सदन में यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया, जहां भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के पास 202 सीटों के साथ भारी बहुमत है। इसे भी पढ़ें: महिला विरोधी बयान पर घिरे Pappu Yadav ने मांगी माफी, बोले- बहनों से Sorry, नेताओं से नहीं।सत्ताधारी दल को जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा सहित एनडीए के सहयोगियों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे विधानसभा में गठबंधन की संख्यात्मक शक्ति स्पष्ट हुई। सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौधरी ने तेजस्वी यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला और इस धारणा को खारिज कर दिया कि लोकतंत्र में नेतृत्व वंश या किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा से प्राप्त होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक सत्ता जनता के जनादेश और निरंतर संघर्ष से मिलती है, न कि विरासत या व्यक्तिगत विशेषाधिकार से। इसे भी पढ़ें: Bihar में जमीन खरीदने वालों को झटका! Patna-Gaya समेत 11 शहरों में Property Deals पर लगा बैनअपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि वे जनसमर्थन और दृढ़ता के बल पर शीर्ष पद तक पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर की कठिनाइयों और कथित उत्पीड़न ने उनके राजनीतिक मार्ग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पदोन्नति सामूहिक राजनीतिक सहमति और पार्टी की एकता को दर्शाती है, और विशेष रूप से भाजपा की भूमिका को उजागर किया, जिसने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में अवसर प्रदान किए। एक दिवसीय विशेष सत्र में सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। हालांकि, मतगणना की मांग न होने से यह संकेत मिलता है कि विपक्ष ने सदन में सरकार की संख्यात्मक शक्ति को सीधे चुनौती नहीं दी।

PNSPNS
Apr 25, 2026 - 09:57
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Bihar Politics: Floor Test में सम्राट चौधरी की बड़ी जीत, तेजस्वी को दिया करारा जवाब
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। चौधरी ने एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान यह प्रस्ताव पेश किया कि सदन राज्य की वर्तमान मंत्रिपरिषद पर अपना विश्वास बनाए रखे। 243 सदस्यीय सदन में यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया, जहां भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के पास 202 सीटों के साथ भारी बहुमत है।
 

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सत्ताधारी दल को जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा सहित एनडीए के सहयोगियों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे विधानसभा में गठबंधन की संख्यात्मक शक्ति स्पष्ट हुई। सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौधरी ने तेजस्वी यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला और इस धारणा को खारिज कर दिया कि लोकतंत्र में नेतृत्व वंश या किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा से प्राप्त होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक सत्ता जनता के जनादेश और निरंतर संघर्ष से मिलती है, न कि विरासत या व्यक्तिगत विशेषाधिकार से।
 

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अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि वे जनसमर्थन और दृढ़ता के बल पर शीर्ष पद तक पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर की कठिनाइयों और कथित उत्पीड़न ने उनके राजनीतिक मार्ग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पदोन्नति सामूहिक राजनीतिक सहमति और पार्टी की एकता को दर्शाती है, और विशेष रूप से भाजपा की भूमिका को उजागर किया, जिसने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में अवसर प्रदान किए। एक दिवसीय विशेष सत्र में सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। हालांकि, मतगणना की मांग न होने से यह संकेत मिलता है कि विपक्ष ने सदन में सरकार की संख्यात्मक शक्ति को सीधे चुनौती नहीं दी।

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