Bhanu Saptami 2026: 21 जून को इस Shubh Muhurat में करें सूर्य देव की पूजा, जानें सही Puja Vidhi

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व होता है। यह व्रत सूर्य देव को समर्पित होता है। वहीं हर माह की शुक्ल या कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर यह व्रत किया जाता है। मान्यता के मुताबिक इस दिन सूर्य देव की पूजा-आराधना करने, व्रत करने आदि से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सफलता की प्राप्ति होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस दिन का मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।तिथि और मुहूर्तवैदिक पंचांग के मुताबिक 20 जून 2026 की दोपहर 02:47 मिनट से सप्तमी तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं आज यानी की 21 जून 2026 की दोपहर 03:21 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के हिसाब से 21 जून 2026 को भानु सप्तमी का व्रत किया जा रहा है।पूजन विधिइस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर तांबे के लोटे में जल भरकर इसमें अक्षत, रोली, लाल फूल और गुड़ या मिश्री मिलाएं। अब उगले हुए सूर्य को जल अर्पित करते हुए 'ऊँ सूर्याय नम:' मंत्र का जाप करें। सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद तीन बार सूर्य देव की परिक्रमा करें। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करने से जातक को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।महत्वपौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन पहली बार सूर्य देव अपने सात घोड़ों वाले दिव्य रथ पर सवार होकर प्रकट हुए थे। उनके तेज से पृथ्वी प्रकाशमान हो गई थी। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, प्रतिष्ठा, सेहत और पिता का कारक ग्रह माना गया है। माना जाता है कि भानु सप्तमी के मौके पर सूर्य देव की पूजा-उपासना करने से जातक को रोगों से मुक्ति मिलती है। आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

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Jun 22, 2026 - 08:59
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Bhanu Saptami 2026: 21 जून को इस Shubh Muhurat में करें सूर्य देव की पूजा, जानें सही Puja Vidhi
हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व होता है। यह व्रत सूर्य देव को समर्पित होता है। वहीं हर माह की शुक्ल या कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर यह व्रत किया जाता है। मान्यता के मुताबिक इस दिन सूर्य देव की पूजा-आराधना करने, व्रत करने आदि से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सफलता की प्राप्ति होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस दिन का मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।

तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक 20 जून 2026 की दोपहर 02:47 मिनट से सप्तमी तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं आज यानी की 21 जून 2026 की दोपहर 03:21 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के हिसाब से 21 जून 2026 को भानु सप्तमी का व्रत किया जा रहा है।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर तांबे के लोटे में जल भरकर इसमें अक्षत, रोली, लाल फूल और गुड़ या मिश्री मिलाएं। अब उगले हुए सूर्य को जल अर्पित करते हुए 'ऊँ सूर्याय नम:' मंत्र का जाप करें। सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद तीन बार सूर्य देव की परिक्रमा करें। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करने से जातक को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

महत्व

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन पहली बार सूर्य देव अपने सात घोड़ों वाले दिव्य रथ पर सवार होकर प्रकट हुए थे। उनके तेज से पृथ्वी प्रकाशमान हो गई थी। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, प्रतिष्ठा, सेहत और पिता का कारक ग्रह माना गया है। माना जाता है कि भानु सप्तमी के मौके पर सूर्य देव की पूजा-उपासना करने से जातक को रोगों से मुक्ति मिलती है। आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

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