अमेरिकी राजनेता, प्रिंटर, वैज्ञानिक और लेखक बैंजामिन फ्रैंकलिन का आज ही के दिन यानी की 17 जनवरी को निधन हो गया था। उन्होंने अपनी पतंगबाजी के प्रयोग के जरिए ऐसी जानकारी दी, जिससे आज हम करंट और उससे बचाव की सावधानी के बारे में जानते हैं। बैंजामिन फ्रैंकलिन ने तमाम खोज और आविष्कार किए, लेकिन उन्होंने मानवता की सेवा के लिहाज से कभी उनका पेटेंट नहीं कराया। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर बैंजामिन फ्रैंकलिन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
अमेरिका में मेसाचुसेट्स राज्य के बोस्टन शहर में 17 जनवरी 1706 को बैंजामिन फ्रैंकलिन का जन्म हुआ था। इनके पिता मोमबत्ती बनाते थे और वह अपने पिता की 15वीं संतान थे। वहीं फ्रैंकलिन ने 10 साल की उम्र से स्कूल जाना छोड़ दिया था। वह अपने बड़े भाई के साथ प्रिंटिंग प्रेस में काम करने लगे और खुद पढ़ाई करके शिक्षा हासिल की थी।
आविष्कार
वहीं 1748 में 41 साल की आयु में फ्रैंकलिन इतने ज्यादा धनी हो गए थे कि वह व्यवसाय से सेवानिवृत्त होकर एक सज्जन व्यक्ति की तरह अपना जीवन बिता सकते हैं। लेकिन वह वैज्ञानिक प्रयोग और आविष्कार पर केंद्रित करना और उसमें महारत हासिल करना चाहते थे। विशेष रूप से बिजली गिरने की विद्युतीय प्रकृति को सिद्ध करने वाले अपने पतंग प्रयोग के लिए उन्होंने यूरोप में अपार ख्याति प्राप्त की थी। वह अमेरिका के अग्रणी विचारकों में से एक बन गए थे। वहीं साल 1753 में रॉयल सोसाइटी ने उनको अपना सर्वोच्च सम्मान 'कॉपले मेडल' दिया था।
अमेरिका वापसी
साल 1785 में युद्धग्रस्त और उबर रहे संयुक्त राज्य अमेरिका में लौटने पर बैंजामिन फ्रैंकलिन एक नायक के रूप में स्वागत किया गया। कांग्रेस फ्रांस की भूमिका को कम करके आंकना चाहती थी। इसलिए गठबंधन को सुरक्षित करने के बैंजामिन के प्रयासों के लिए उनको कोई ठोस पुरस्कार नहीं दिया गया। लेकिन इसके बाद तीन वर्षों तक उन्होंने पेंसिल्वेनिया के वास्तविक गवर्नर के रूप में कार्य किया। वहीं 1787 में संवैधानिक सम्मेलन में बैंजामिन सबसे उम्रदराज प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए थे।
मृत्यु
वॉशिंगटन के पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के एक साल बाद यानी की 17 अप्रैल 1790 को 84 साल की उम्र में बैंजामिन फ्रैंकलिन का निधन हो गया था।