Baruipur Encounter पर Mahua Moitra का हमला: Bengal में UP 2.0, जंगल राज है

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में हुए एक पुलिस एनकाउंटर की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे बिल्कुल अस्वीकार्य और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत बताया है। ANI से बात करते हुए, उन्होंने बंगाल की मौजूदा स्थिति की तुलना उत्तर प्रदेश से की और इसे UP 2.0 कहा, जहाँ कानून का शासन कमजोर पड़ता दिखता है। मोइत्रा ने 12 साल की बच्ची के कथित रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल के एनकाउंटर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कानूनी प्रक्रियाओं में नागरिक समाज का भरोसा कम होता है और न्याय के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं। मोइत्रा के अनुसार, मंडल की मौत से जांच के लिए ज़रूरी गवाहियाँ नहीं मिल पाएँगी। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir पर Congress का असली चरित्र बेनकाब: Kangana Ranaut का बड़ा आरोपTMC सांसद ने पुलिस के तर्कों को चुनौती देते हुए कहा कि संदिग्ध पर कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा चलना चाहिए और उसे सज़ा मिलनी चाहिए, न कि उसे गैर-न्यायिक हत्या (एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग) का शिकार होना चाहिए। उन्होंने घटना के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बयानों की आलोचना की और कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेने (विजिलेंटिज़्म) की स्थिति से बचने के लिए कानूनी नियमों का पालन करने की अपील की।तृणमूल कांग्रेस की नेता ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाने के संबंध में सख्त नियम हैं और पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे घुटने के नीचे निशाना लगाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस व्यक्ति को इस तरह से गोली क्यों मारी कि उसकी मौत हो गई? क्योंकि वह भारतीय जनता पार्टी की ओर से काम कर रही है और प्रभास मंडल का मुंह बंद करना चाहती है। मोइत्रा ने दावा किया कि मामले के तीन आरोपियों को शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी के नेता शांतनु मंडल ने छुड़वा दिया था, जबकि जनाक्रोश के बाद आरोपी आनंद सरकार को दोबारा गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस हिरासत में प्रभास मंडल के कथित बयान में ‘राजा’ नाम के एक अन्य आरोपी का भी उल्लेख किया गया था।  इसे भी पढ़ें: 2013 में ही रद्द हो चुका है अलॉटमेंट, बिना अनुमति कब्जा बरकरार, RTI से कांग्रेस के 24 अकबर रोड ऑफिस पर क्या बड़ा खुलासा हो गया?मोइत्रा ने सवाल किया कि राजा कौन है? क्या भारतीय जनता पार्टी हमें बताएगी कि राजा कौन है? उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों को बचाने के लिए यह मुठभेड़ की गई। कृष्णानगर से लोकसभा सदस्य ने इस घटना को दैवीय न्याय बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की भी आलोचना करते हुए कहा कि भारत संविधान और विधि के शासन से चलता है। उन्होंने कहा कि हम दैवीय न्याय में विश्वास नहीं करते। हम विधि के शासन और न्याय में विश्वास करते हैं, जो केवल अदालत दे सकती है। बलात्कार, हत्या या किसी भी जघन्य अपराध के आरोपी को त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

PNSPNS
Jul 9, 2026 - 12:43
 0
Baruipur Encounter पर Mahua Moitra का हमला: Bengal में UP 2.0, जंगल राज है
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में हुए एक पुलिस एनकाउंटर की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे बिल्कुल अस्वीकार्य और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत बताया है। ANI से बात करते हुए, उन्होंने बंगाल की मौजूदा स्थिति की तुलना उत्तर प्रदेश से की और इसे UP 2.0 कहा, जहाँ कानून का शासन कमजोर पड़ता दिखता है। मोइत्रा ने 12 साल की बच्ची के कथित रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल के एनकाउंटर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कानूनी प्रक्रियाओं में नागरिक समाज का भरोसा कम होता है और न्याय के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं। मोइत्रा के अनुसार, मंडल की मौत से जांच के लिए ज़रूरी गवाहियाँ नहीं मिल पाएँगी।
 

इसे भी पढ़ें: Ram Mandir पर Congress का असली चरित्र बेनकाब: Kangana Ranaut का बड़ा आरोप


TMC सांसद ने पुलिस के तर्कों को चुनौती देते हुए कहा कि संदिग्ध पर कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा चलना चाहिए और उसे सज़ा मिलनी चाहिए, न कि उसे गैर-न्यायिक हत्या (एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग) का शिकार होना चाहिए। उन्होंने घटना के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बयानों की आलोचना की और कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेने (विजिलेंटिज़्म) की स्थिति से बचने के लिए कानूनी नियमों का पालन करने की अपील की।

तृणमूल कांग्रेस की नेता ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाने के संबंध में सख्त नियम हैं और पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे घुटने के नीचे निशाना लगाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस व्यक्ति को इस तरह से गोली क्यों मारी कि उसकी मौत हो गई? क्योंकि वह भारतीय जनता पार्टी की ओर से काम कर रही है और प्रभास मंडल का मुंह बंद करना चाहती है। मोइत्रा ने दावा किया कि मामले के तीन आरोपियों को शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी के नेता शांतनु मंडल ने छुड़वा दिया था, जबकि जनाक्रोश के बाद आरोपी आनंद सरकार को दोबारा गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस हिरासत में प्रभास मंडल के कथित बयान में ‘राजा’ नाम के एक अन्य आरोपी का भी उल्लेख किया गया था। 
 

इसे भी पढ़ें: 2013 में ही रद्द हो चुका है अलॉटमेंट, बिना अनुमति कब्जा बरकरार, RTI से कांग्रेस के 24 अकबर रोड ऑफिस पर क्या बड़ा खुलासा हो गया?


मोइत्रा ने सवाल किया कि राजा कौन है? क्या भारतीय जनता पार्टी हमें बताएगी कि राजा कौन है? उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों को बचाने के लिए यह मुठभेड़ की गई। कृष्णानगर से लोकसभा सदस्य ने इस घटना को दैवीय न्याय बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की भी आलोचना करते हुए कहा कि भारत संविधान और विधि के शासन से चलता है। उन्होंने कहा कि हम दैवीय न्याय में विश्वास नहीं करते। हम विधि के शासन और न्याय में विश्वास करते हैं, जो केवल अदालत दे सकती है। बलात्कार, हत्या या किसी भी जघन्य अपराध के आरोपी को त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
 
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow