जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, एक दिन उसी गड्ढे में खुद भी गिरता है और जो नफरत की आग से दूसरों को जलाने की कोशिश करता है, कई बार वही आग लौट कर उसके अपने घर को भी जला देती है। कुछ ऐसा ही पाकिस्तान के बाद अब बता दें कि बांग्लादेश में भी देखने को मिल रहा है जिसकी लगातार खबरें इस वक्त सामने आ रही है। आपने देखा ही होगा कि पाकिस्तान ने किस तरह सालों तक कट्टरपंथ और वामपंथ को बढ़ावा दिया। लेकिन आज वही आतंकी संगठन पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं और अब बांग्लादेश में भी हालात कुछ ऐसे ही दिखाई दे रहे हैं। आपको याद ही होगा कि यूनुस सरकार के दौर में जिस तरह हिंदू समुदाय पर हमलों और कट्टरपंथी घटनाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब उसी माहौल के बीच एक ऐसा धमाका हुआ है हाल ही में ढाका के अंदर जिसने पूरे बांग्लादेश की राजनीति को हिला कर रख दिया है। इस घटना के बाद पूरे बांग्लादेश में फिर से हिंसा और अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। सबसे दिलचस्प बात आप यह जान लीजिए कि जिस रैली में यह बम धमाका हुआ है उसका नेतृत्व वही नाहिद इस्लाम कर रहा था जो पिछले कई महीनों से भारत के खिलाफ तीखे और विवादित बयान देता हुआ नजर आ रहा है।
कभी भारत पर बांग्लादेश के चुनावों में दखल देने का यह आरोप लगा चुका है तो कभी भारत से माफी की मांग कर चुका है। कभी सीमा पर भारत की कारवाई को लेकर यह सवाल उठाता है तो कभी यह कहता है सरकार से कि अगर बांग्लादेश की सरकार सीमा की रक्षा नहीं कर सकती तो जनता खुद सीमा की रक्षा करेगी। यानी यह अपनी कट्टरपन से अपनी दाल रोटी चला रहा है। भारत की कथित बुलिंग यानी दबाव की राजनीति पर भी नाहिद इस्लाम कई बार हमला बोल चुका है। इन्हीं भारत विरोधी बयानों की वजह से वह लगातार सुर्खियों में रहा है। इससे लाइमलाइट मिल जाती है। अब उसी नाहिद इस्लाम की पार्टी की रैली बम धमाके का निशाना बन गई और यहां पर कट्टरपंथी जल गए। बता दें कि सोमवार रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास सावर में नेशनल सिटीजन पार्टी यानी कि एनसीपी की जुलाई मार्च रैली चल रही थी।
कई लोग यहां पर इकट्ठा हुए। रात करीब 9:45 पर सावर थाना स्टैंड ईदगाह मैदान के पास अचानक बम धमाका हो जाता है। जो रिपोर्ट सामने आई उसके मुताबिक इस घटना में तीन से चार लोग घायल हो चुके हैं। कुछ की मौत भी हो गई है। यह रैली उसी छात्र आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित की गई थी जिसने जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। अब एनसीपी पूरे बांग्लादेश में जुलाई मार्च अभियान चला रही है और जनमत संग्रह, जुलाई चार्टर, रोजगार, महंगाई, बिजली संकट और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी यह पार्टी उठा रही है। धमाके के बाद आपको बता दें कि नाहिद इस्लाम सीधे पुलिस प्रशासन पर बरस पड़ा। उन्होंने यह कहा कि उन्हें नहीं पता हमला किसने किया लेकिन इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों की है। इसका मतलब यह था कि यह यह कहना चाहता है कि हम जो भी कट्टरपंथ फैलाए वह सही है लेकिन हमारे कट्टरपंथ में सरकार भी साथ दे। प्रशासन भी साथ थे।