Background Apps बार-बार हटाना है बड़ी गलती! Phone की Performance होगी खराब, जानें सच्चाई

ज्यादातर लोग मानते हैं कि फोन में चल रहे सभी बैकग्राउंड एप्स को बार-बार क्लियर करेंगे, तो इससे फोन फास्ट हो जाएगा और उसकी परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी। लेकिन सच तो यह है कि कई एक्सपर्ट कहते है कि लगातार बैकग्राउंड एप्स को हटाना कई बार डिवाइस को फास्ट करने के बजाय उसे थोड़ा स्लो कर देता है। फोन खुद मैनेज कर सकता है बैकग्राउंड एप्सअसल में फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम चाहे वो एंड्रायड हो या  iOS इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वो एप्स को खुद ही बैकग्राउंड में मैनेज कर सकता है। जब आप किसी एप का यूज करना बंद कर देते हैं, तो वो पूरी तरह से बंद नहीं होता है बल्कि एक तरह सस्पेंड मोड में ट्रांसफर हो जाता है। इस कंडीशन में बहुत कम RAM और बैटरी का इस्तेमाल करता है, ताकि जरूरत पड़ने पर वो तुरंत ओपन हो सके।ज्यादा खर्च हो सकती है बैटरीयदि आप भी बार-बार एप स्विचर में जाकर सभी एप्स को क्लोज कर देते हैं, तो अगली बार जब आप उस एप को ओपन करेंगे तो फोन को उसे पूरी तरह से फिर लोड करना पड़ेगा। इससे प्रोसेसर पर ज्यादा लोड पड़ेगा और कई मामलों में बैटरी भी ज्यादा खर्च हो सकती है। यही कारण है कि बार-बार एप्स हटाना फोन की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के बजाय कभी-कभी उसे थोड़ा स्लो कर देता है। इस कंडीशन में क्लोज करेंअक्सर टेक कंपनियां समय समय पर सलाह देती है कि सिर्फ वही एप्स क्लोज करें जो सही तरीके से काम नहीं करते हैं या फिर बार-बार फ्रीज हो रहे हो। बाकी एप्स को बैकग्राउंड में रहने देना ही बेहतर है। डिवाइस का सिस्टम खुद ही जरुरत के हिसाब से RAM को मैनेज कर सकता है और जिन एप्स की जरुरत नहीं होती उन्हें अपने आप खुद ही क्लोज कर सकते हैं और जिन एप्स की जरुरत नहीं हो, उन्हें आप खुद ही क्लोज कर सकते हैं। 

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Mar 17, 2026 - 10:42
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Background Apps बार-बार हटाना है बड़ी गलती! Phone की Performance होगी खराब, जानें सच्चाई
ज्यादातर लोग मानते हैं कि फोन में चल रहे सभी बैकग्राउंड एप्स को बार-बार क्लियर करेंगे, तो इससे फोन फास्ट हो जाएगा और उसकी परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी। लेकिन सच तो यह है कि कई एक्सपर्ट कहते है कि लगातार बैकग्राउंड एप्स को हटाना कई बार डिवाइस को फास्ट करने के बजाय उसे थोड़ा स्लो कर देता है। 

फोन खुद मैनेज कर सकता है बैकग्राउंड एप्स

असल में फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम चाहे वो एंड्रायड हो या  iOS इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वो एप्स को खुद ही बैकग्राउंड में मैनेज कर सकता है। जब आप किसी एप का यूज करना बंद कर देते हैं, तो वो पूरी तरह से बंद नहीं होता है बल्कि एक तरह सस्पेंड मोड में ट्रांसफर हो जाता है। इस कंडीशन में बहुत कम RAM और बैटरी का इस्तेमाल करता है, ताकि जरूरत पड़ने पर वो तुरंत ओपन हो सके।

ज्यादा खर्च हो सकती है बैटरी

यदि आप भी बार-बार एप स्विचर में जाकर सभी एप्स को क्लोज कर देते हैं, तो अगली बार जब आप उस एप को ओपन करेंगे तो फोन को उसे पूरी तरह से फिर लोड करना पड़ेगा। इससे प्रोसेसर पर ज्यादा लोड पड़ेगा और कई मामलों में बैटरी भी ज्यादा खर्च हो सकती है। यही कारण है कि बार-बार एप्स हटाना फोन की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के बजाय कभी-कभी उसे थोड़ा स्लो कर देता है।
 
इस कंडीशन में क्लोज करें

अक्सर टेक कंपनियां समय समय पर सलाह देती है कि सिर्फ वही एप्स क्लोज करें जो सही तरीके से काम नहीं करते हैं या फिर बार-बार फ्रीज हो रहे हो। बाकी एप्स को बैकग्राउंड में रहने देना ही बेहतर है। डिवाइस का सिस्टम खुद ही जरुरत के हिसाब से RAM को मैनेज कर सकता है और जिन एप्स की जरुरत नहीं होती उन्हें अपने आप खुद ही क्लोज कर सकते हैं और जिन एप्स की जरुरत नहीं हो, उन्हें आप खुद ही क्लोज कर सकते हैं। 

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