Assam Dispur | Pradyut Bordoloi Victory | भाजपा के प्रद्युत बोरदोलोई की बड़ी जीत, कांग्रेस की मीरा बोरठाकुर को करीब 50 हजार वोटों से हराया
असम की सबसे प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में से एक, दिसपुर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी जीत का परचम लहरा दिया है। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन छोड़ भगवा खेमे में शामिल हुए कद्दावर नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने शानदार जीत हासिल की है। निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, बोरदोलोई ने कांग्रेस उम्मीदवार मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को भारी अंतर से शिकस्त दी।प्रद्युत बोरदोलोई ने मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को 49,667 वोट के अंतर से हराकर प्रतिष्ठित दिसपुर सीट पर जीत हासिल की। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी। बोरदोलोई को 1,03,337 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की गोस्वामी को 53,670 वोट मिले। तरुण गोगोई सरकार में तीन बार मंत्री रहे बोरदोलोई 1998 में एक उपचुनाव में मार्गेरिटा से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और 2001 के बाद से तीन बार फिर निर्वाचित हुए।इसे भी पढ़ें: Assembly Election Result 2026: अतुल बोरा की 'हैट्रिक', बोकाखाट में रायजोर दल को 60 हजार से अधिक वोटों से दी करारी शिकस्त वर्ष 2015 में कैबिनेट में फेरबदल के दौरान उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, और बाद में उन्हें वरिष्ठ सरकारी प्रवक्ता और मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया। बोरदोलोई 2019 में और फिर 2024 में नगांव से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और विधानसभा चुनाव से पहले नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए।इसे भी पढ़ें: Assam Election Result: NDA की हैट्रिक जीत, CM Himanta बोले- 'सब PM Modi का जादू है' दिसपुर सीट का महत्वदिसपुर सीट न केवल गुवाहाटी का हिस्सा है, बल्कि यह असम की सत्ता का केंद्र भी है। यहाँ से जीतना किसी भी पार्टी के लिए प्रतीकात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। बोरदोलोई की जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरी और मध्यम वर्ग के मतदाताओं के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत बनी हुई है और कांग्रेस के 'पुराने वफादार' भी अब विकास की राजनीति (भाजपा) की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा की इस जीत ने राज्य विधानसभा में पार्टी की स्थिति को और भी सुदृढ़ कर दिया है, जिससे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को और मजबूती मिली है।
असम की सबसे प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में से एक, दिसपुर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी जीत का परचम लहरा दिया है। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन छोड़ भगवा खेमे में शामिल हुए कद्दावर नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने शानदार जीत हासिल की है। निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, बोरदोलोई ने कांग्रेस उम्मीदवार मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को भारी अंतर से शिकस्त दी।
प्रद्युत बोरदोलोई ने मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को 49,667 वोट के अंतर से हराकर प्रतिष्ठित दिसपुर सीट पर जीत हासिल की। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी। बोरदोलोई को 1,03,337 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की गोस्वामी को 53,670 वोट मिले। तरुण गोगोई सरकार में तीन बार मंत्री रहे बोरदोलोई 1998 में एक उपचुनाव में मार्गेरिटा से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और 2001 के बाद से तीन बार फिर निर्वाचित हुए।
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वर्ष 2015 में कैबिनेट में फेरबदल के दौरान उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, और बाद में उन्हें वरिष्ठ सरकारी प्रवक्ता और मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया। बोरदोलोई 2019 में और फिर 2024 में नगांव से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और विधानसभा चुनाव से पहले नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए।
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दिसपुर सीट का महत्व
दिसपुर सीट न केवल गुवाहाटी का हिस्सा है, बल्कि यह असम की सत्ता का केंद्र भी है। यहाँ से जीतना किसी भी पार्टी के लिए प्रतीकात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। बोरदोलोई की जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरी और मध्यम वर्ग के मतदाताओं के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत बनी हुई है और कांग्रेस के 'पुराने वफादार' भी अब विकास की राजनीति (भाजपा) की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा की इस जीत ने राज्य विधानसभा में पार्टी की स्थिति को और भी सुदृढ़ कर दिया है, जिससे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को और मजबूती मिली है।
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