आम आदमी पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी कमर कस ली है। 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए 09 अप्रैल को वोटिंग होगी। वहीं 04 मई को नतीजे जारी किए जाएंगे। बता दें कि असम विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। वहीं पार्टी ने स्पष्ट रूप से यह घोषणा कर दी है कि पार्टी सभी 126 सीटों पर स्वतंत्र रूप से उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी अन्य किसी सियासी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। वहीं पार्टी ने राज्य में अपनी पैठ बनाने के लिए आक्रामक रणनीतियां अपनाई हैं।
रणनीतिक फोकस
बता दें कि आप पार्टी ने 14 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट और इसके बाद फिर 6 प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की है। जिससे यह साफ तौर पर स्पष्ट होता है कि आम आदमी पार्टी राज्य के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में जोर-शोर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। पार्टी ने राज्य में बिना किसी गठबंधन के स्वतंत्र रूप से सभी 126 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
प्राथमिकता
असम में आम आदमी पार्टी का प्राथमिक उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाना है। इसके तहत गुवाहाटी के आसपास की सीटों पर पार्टी द्वारा विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पार्टी ने राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए विभिन्न आंदोलनों और अभियानों में हिस्सा लिया है। आप पार्टी ने असम में दिल्ली मॉडल के आधार पर प्रचार किया है और असम में एक ऑप्शन के रूप में उभरने का प्रयास कर रही है।
असम विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भाग लिया है। लेकिन अभी तक पार्टी को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। आप पार्टी अपनी विचारधारा के तीन स्तंभों 'दृढ़ ईमानदारी', 'दृढ़ इच्छाशक्ति' और 'मानवता' के साथ राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।