Arunachal Pradesh पर China का नया Propaganda War, भारत बोला- मनगढ़ंत दावों से हकीकत नहीं बदलती।

भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर बयानबाजी तेज होती नजर आई है। इस बार मामला अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने को लेकर उठा है, जिस पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी और साफ शब्दों में इसे खारिज कर दिया।मौजूद जानकारी के अनुसार, चीन की तरफ से अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों को नए नाम देने की कोशिश की गई, जिस पर विदेश मंत्रालय ने इसे “शरारतपूर्ण प्रयास” बताते हुए कहा कि इस तरह की मनगढ़ंत बातें जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकती हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, है और आगे भी रहेगा, इस पर कोई विवाद नहीं है।बता दें कि चीन पहले भी कई बार इस तरह के नामकरण की कवायद कर चुका है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा हो। गौरतलब है कि साल 2017, 2021, 2023 और 2024 में भी चीन ने इसी तरह के कदम उठाए थे, जिनका भारत ने हर बार विरोध किया है।मौजूदा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की कोशिशें चल रही हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस तरह के कदम द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिशों को कमजोर करते हैं और माहौल में नकारात्मकता लाते हैं।गौरतलब है कि सीमा विवाद खासकर लद्दाख क्षेत्र में लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बना हुआ है। इसी बीच चीन की तरफ से शिनजियांग क्षेत्र में नए प्रशासनिक बदलाव की खबरें भी सामने आई हैं, जहां “सेनलिंग” नाम का नया काउंटी बनाया गया है। यह इलाका अफगानिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के पास स्थित है, जिससे इसका सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।जानकारों का मानना है कि चीन इस तरह के कदमों के जरिए अपने दावे को मजबूत करने की रणनीति अपनाता रहा है, जिसे कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जाता है। हालांकि भारत का रुख इस मामले में हमेशा स्पष्ट रहा है और वह किसी भी तरह के ऐसे दावों को स्वीकार करने से इंकार करता रहा है।

PNSPNS
Apr 12, 2026 - 23:17
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Arunachal Pradesh पर China का नया Propaganda War, भारत बोला- मनगढ़ंत दावों से हकीकत नहीं बदलती।
भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर बयानबाजी तेज होती नजर आई है। इस बार मामला अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने को लेकर उठा है, जिस पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी और साफ शब्दों में इसे खारिज कर दिया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, चीन की तरफ से अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों को नए नाम देने की कोशिश की गई, जिस पर विदेश मंत्रालय ने इसे “शरारतपूर्ण प्रयास” बताते हुए कहा कि इस तरह की मनगढ़ंत बातें जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकती हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, है और आगे भी रहेगा, इस पर कोई विवाद नहीं है।

बता दें कि चीन पहले भी कई बार इस तरह के नामकरण की कवायद कर चुका है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा हो। गौरतलब है कि साल 2017, 2021, 2023 और 2024 में भी चीन ने इसी तरह के कदम उठाए थे, जिनका भारत ने हर बार विरोध किया है।

मौजूदा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की कोशिशें चल रही हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस तरह के कदम द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिशों को कमजोर करते हैं और माहौल में नकारात्मकता लाते हैं।

गौरतलब है कि सीमा विवाद खासकर लद्दाख क्षेत्र में लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बना हुआ है। इसी बीच चीन की तरफ से शिनजियांग क्षेत्र में नए प्रशासनिक बदलाव की खबरें भी सामने आई हैं, जहां “सेनलिंग” नाम का नया काउंटी बनाया गया है। यह इलाका अफगानिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के पास स्थित है, जिससे इसका सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।

जानकारों का मानना है कि चीन इस तरह के कदमों के जरिए अपने दावे को मजबूत करने की रणनीति अपनाता रहा है, जिसे कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जाता है। हालांकि भारत का रुख इस मामले में हमेशा स्पष्ट रहा है और वह किसी भी तरह के ऐसे दावों को स्वीकार करने से इंकार करता रहा है।

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