Airtel ने Tejas Networks के सिग्नल उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए

दूरसंचार सेवा प्रदाता भारती एयरटेल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राजस्थान में उसके नेटवर्क को सिग्नल में आ रही समस्या बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क में तेजस नेटवर्क्स की तरफ से लगाए गए घटिया उपकरणों के कारण हो रही है। कंपनी ने टाटा समूह की तेजस नेटवर्क्स के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि इस सिग्नल समस्या के लिए एयरटेल जिम्मेदार है। तेजस नेटवर्क्स ने कहा था कि एयरटेल ने बीएसएनएल उपकरणों के बेहद करीब अपने टावर लगाए हैं और तकनीकी प्रावधानों का ध्यान नहीं रखा है। इसकी वजह से राजस्थान में नेटवर्क सिग्नल से जुड़ी समस्या आ रही है। इस दावे पर एयरटेल के एक प्रवक्ता ने कहा कि टावरों पर कई सेवा प्रदाताओं के उपकरण लगना सामान्य है और इससे सिग्नल समस्या नहीं आती है, समस्या केवल इन उपकरणों की गुणवत्ता से जुड़ी हुई है। तेजस नेटवर्क्स को भेजे गए ईमेल का जवाब समाचार भेजे जाने तक नहीं मिला। एयरटेल ने मार्च में इस मुद्दे को दूरसंचार विभाग के वायरलेस नियोजन आयोजन (डब्ल्यूपीसी) के समक्ष उठाया था। एक उद्योग सूत्र ने कहा कि आयोग ने बीएसएनएल को पर्याप्त ‘फिल्टर’ लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि 850 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज की रेडियो तरंगों के ओवरलैप से होने वाले हस्तक्षेप को रोका जा सके। तेजस ने अपने पत्र में कहा था कि उसके उपकरण मानकों के पूरी तरह अनुरूप हैं और बेहतर ‘फिल्टरिंग’ क्षमता रखते हैं।

PNSPNS
Nov 26, 2025 - 09:41
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Airtel ने Tejas Networks के सिग्नल उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए

दूरसंचार सेवा प्रदाता भारती एयरटेल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राजस्थान में उसके नेटवर्क को सिग्नल में आ रही समस्या बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क में तेजस नेटवर्क्स की तरफ से लगाए गए घटिया उपकरणों के कारण हो रही है।

कंपनी ने टाटा समूह की तेजस नेटवर्क्स के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि इस सिग्नल समस्या के लिए एयरटेल जिम्मेदार है। तेजस नेटवर्क्स ने कहा था कि एयरटेल ने बीएसएनएल उपकरणों के बेहद करीब अपने टावर लगाए हैं और तकनीकी प्रावधानों का ध्यान नहीं रखा है। इसकी वजह से राजस्थान में नेटवर्क सिग्नल से जुड़ी समस्या आ रही है।

इस दावे पर एयरटेल के एक प्रवक्ता ने कहा कि टावरों पर कई सेवा प्रदाताओं के उपकरण लगना सामान्य है और इससे सिग्नल समस्या नहीं आती है, समस्या केवल इन उपकरणों की गुणवत्ता से जुड़ी हुई है।

तेजस नेटवर्क्स को भेजे गए ईमेल का जवाब समाचार भेजे जाने तक नहीं मिला। एयरटेल ने मार्च में इस मुद्दे को दूरसंचार विभाग के वायरलेस नियोजन आयोजन (डब्ल्यूपीसी) के समक्ष उठाया था।

एक उद्योग सूत्र ने कहा कि आयोग ने बीएसएनएल को पर्याप्त ‘फिल्टर’ लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि 850 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज की रेडियो तरंगों के ओवरलैप से होने वाले हस्तक्षेप को रोका जा सके। तेजस ने अपने पत्र में कहा था कि उसके उपकरण मानकों के पूरी तरह अनुरूप हैं और बेहतर ‘फिल्टरिंग’ क्षमता रखते हैं।

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