24 घंटे, 16 समझौते और Knesset Medal, जानें PM Modi के Israel दौरे की Inside Story

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का अपना दौरा पूरा कर लिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस दौरे की जानकारी देते हुए इसे भारत-इजरायल संबंधों के लिए एक बड़ा 'मील का पत्थर' बताया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के निमंत्रण पर हुआ यह दौरा लगभग 9 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दूसरी इजरायल यात्रा थी, जिसने पिछले दशक की प्रगति को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।24 घंटे का दौरा, बड़े नतीजेविदेश सचिव के अनुसार, यह दौरा महज 24 घंटे से थोड़ा ज्यादा समय का था, लेकिन इसके परिणाम बहुत व्यापक रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के मजबूत होते रिश्तों की कड़ी का हिस्सा है। पिछले एक साल में प्रधानमंत्री ने कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों का दौरा कर इस क्षेत्र में भारत की मौजूदगी को सशक्त किया है। इसे भी पढ़ें: World Economic Forum चीफ Borge Brende का इस्तीफा, Jeffrey Epstein से संबंधों की जांच बनी वजह?नेसेट मेडल और ऐतिहासिक सम्मानइस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण इजरायल की संसद 'नेसेट' में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन रहा। खास बात यह है कि पीएम मोदी को भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 'नेसेट मेडल' से सम्मानित किया गया। वे इस सम्मान को पाने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं।तकनीक, कृषि और रक्षा पर जोरदौरे के दौरान दोनों नेताओं ने एक खास टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी देखी और डेलिगेशन लेवल की विस्तृत बातचीत की। इस दौरान भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए रिश्तों को 'शांति, इनोवेशन और खुशहाली के लिए भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी, साइंस, टेक्नोलॉजी और स्पेस रिसर्च, कृषि और जल प्रबंधन, डिफेंस और ट्रेड प्रमुख हैं।दोनों देशों ने साइंस और टेक्नोलॉजी के जॉइंट कमीशन को अब 'मंत्रालय स्तर' तक बढ़ाने का फैसला किया है ताकि आपसी सहयोग और तेजी से हो सके। इसे भी पढ़ें: India-Israel Relations को नई गति: मोदी और नेतन्याहू के बीच रक्षा, तकनीक और व्यापार पर महामंथन, IMEC पर भी हुई चर्चापीएम का याद वाशेम का दौराप्रधानमंत्री ने यरुशलम में 'याद वाशेम' (वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस सेंटर) जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात की और उनकी 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत राष्ट्रपति भवन के बगीचे में ओक का पेड़ लगाया।अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में प्रधानमंत्री ने इजरायल में रहने वाले भारतीय यहूदी समुदाय और इंडोलॉजिस्ट से मुलाकात की। साथ ही, उन्होंने सांस्कृतिक क्षेत्र की हस्तियों और मशहूर टीवी सीरीज 'फौदा' के कलाकारों से भी बातचीत की। विदेश सचिव ने अंत में कहा कि यह दौरा दिखाता है कि भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों में इजरायल को कितनी प्राथमिकता देता है।

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Feb 27, 2026 - 22:01
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24 घंटे, 16 समझौते और Knesset Medal, जानें PM Modi के Israel दौरे की Inside Story
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का अपना दौरा पूरा कर लिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस दौरे की जानकारी देते हुए इसे भारत-इजरायल संबंधों के लिए एक बड़ा 'मील का पत्थर' बताया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के निमंत्रण पर हुआ यह दौरा लगभग 9 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दूसरी इजरायल यात्रा थी, जिसने पिछले दशक की प्रगति को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

24 घंटे का दौरा, बड़े नतीजे

विदेश सचिव के अनुसार, यह दौरा महज 24 घंटे से थोड़ा ज्यादा समय का था, लेकिन इसके परिणाम बहुत व्यापक रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के मजबूत होते रिश्तों की कड़ी का हिस्सा है। पिछले एक साल में प्रधानमंत्री ने कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों का दौरा कर इस क्षेत्र में भारत की मौजूदगी को सशक्त किया है।
 

इसे भी पढ़ें: World Economic Forum चीफ Borge Brende का इस्तीफा, Jeffrey Epstein से संबंधों की जांच बनी वजह?


नेसेट मेडल और ऐतिहासिक सम्मान

इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण इजरायल की संसद 'नेसेट' में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन रहा। खास बात यह है कि पीएम मोदी को भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 'नेसेट मेडल' से सम्मानित किया गया। वे इस सम्मान को पाने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं।

तकनीक, कृषि और रक्षा पर जोर

दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने एक खास टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी देखी और डेलिगेशन लेवल की विस्तृत बातचीत की। इस दौरान भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए रिश्तों को 'शांति, इनोवेशन और खुशहाली के लिए भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी, साइंस, टेक्नोलॉजी और स्पेस रिसर्च, कृषि और जल प्रबंधन, डिफेंस और ट्रेड प्रमुख हैं।

दोनों देशों ने साइंस और टेक्नोलॉजी के जॉइंट कमीशन को अब 'मंत्रालय स्तर' तक बढ़ाने का फैसला किया है ताकि आपसी सहयोग और तेजी से हो सके।
 

इसे भी पढ़ें: India-Israel Relations को नई गति: मोदी और नेतन्याहू के बीच रक्षा, तकनीक और व्यापार पर महामंथन, IMEC पर भी हुई चर्चा


पीएम का याद वाशेम का दौरा

प्रधानमंत्री ने यरुशलम में 'याद वाशेम' (वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस सेंटर) जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात की और उनकी 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत राष्ट्रपति भवन के बगीचे में ओक का पेड़ लगाया।

अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में प्रधानमंत्री ने इजरायल में रहने वाले भारतीय यहूदी समुदाय और इंडोलॉजिस्ट से मुलाकात की। साथ ही, उन्होंने सांस्कृतिक क्षेत्र की हस्तियों और मशहूर टीवी सीरीज 'फौदा' के कलाकारों से भी बातचीत की। विदेश सचिव ने अंत में कहा कि यह दौरा दिखाता है कि भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों में इजरायल को कितनी प्राथमिकता देता है।

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