'22 लाख Students की पीड़ा समझता हूं', NEET UG Leak पर बोले Dharmendra Pradhan, व्यवस्था दुरुस्त होगी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को NEET UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद से निपटने के सरकारी उपायों का बचाव करते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताएं पाए जाने के बाद कठोर निर्णय लिए गए। जागरण भारत शिक्षा सम्मेलन 2026 में बोलते हुए प्रधान ने कहा कि अधिकारी नहीं चाहते कि परीक्षा माफिया की वजह से एक भी योग्य छात्र अपनी सीट खो दे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि 21 जून को होने वाली NEET UG की पुनःपरीक्षा 100 प्रतिशत त्रुटिरहित होगी। इसे भी पढ़ें: NEET Paper Leak पर NTA का बेतुका जवाब, Congress सांसद ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफाधर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि चिकित्सा प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद के कारण करीब 22 लाख विद्यार्थियों को मानसिक पीड़ा सहनी पड़ी और सरकार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 22 लाख बच्चों को भारी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। उस पीड़ा को समझते हुए और जिम्मेदारी लेते हुए मैं आज कह रहा हूं कि हमें कुछ कड़े फैसले लेने पड़े। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने हाल में रद्द कर दिया था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है और दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है। प्रधान ने कहा कि सरकार ने यह पता लगने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला किया कि कुछ मूल्यांकनों में गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं में शामिल लोगों और परीक्षा माफिया की साजिश के कारण एक भी विद्यार्थी अपनी हक की सीट से वंचित हो। मंत्री ने इस मुद्दे से निपटने के तरीके को लेकर हुई आलोचना को स्वीकार किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।  इसे भी पढ़ें: NEET-UG 2026 | सरकार ने NEET में सेंध की बात मानी, NTA प्रमुख कहते हैं 'कोई लीक नहीं', क्या किसी को पता है कि आखिर हुआ क्या?उन्होंने कहा कि हम आलोचना एवं चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और मैं इसे स्वीकार करता हूं लेकिन व्यवस्था को दुरुस्त करना हमारी जिम्मेदारी है। आंखें मूंदकर समस्या से मुंह मोड़ लेना हमारा कर्तव्य नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा 100 प्रतिशत त्रुटिरहित रहे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

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May 23, 2026 - 12:05
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'22 लाख Students की पीड़ा समझता हूं', NEET UG Leak पर बोले Dharmendra Pradhan, व्यवस्था दुरुस्त होगी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को NEET UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद से निपटने के सरकारी उपायों का बचाव करते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताएं पाए जाने के बाद कठोर निर्णय लिए गए। जागरण भारत शिक्षा सम्मेलन 2026 में बोलते हुए प्रधान ने कहा कि अधिकारी नहीं चाहते कि परीक्षा माफिया की वजह से एक भी योग्य छात्र अपनी सीट खो दे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि 21 जून को होने वाली NEET UG की पुनःपरीक्षा 100 प्रतिशत त्रुटिरहित होगी।
 

इसे भी पढ़ें: NEET Paper Leak पर NTA का बेतुका जवाब, Congress सांसद ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि चिकित्सा प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद के कारण करीब 22 लाख विद्यार्थियों को मानसिक पीड़ा सहनी पड़ी और सरकार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 22 लाख बच्चों को भारी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। उस पीड़ा को समझते हुए और जिम्मेदारी लेते हुए मैं आज कह रहा हूं कि हमें कुछ कड़े फैसले लेने पड़े। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने हाल में रद्द कर दिया था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है और दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है। 

प्रधान ने कहा कि सरकार ने यह पता लगने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला किया कि कुछ मूल्यांकनों में गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं में शामिल लोगों और परीक्षा माफिया की साजिश के कारण एक भी विद्यार्थी अपनी हक की सीट से वंचित हो। मंत्री ने इस मुद्दे से निपटने के तरीके को लेकर हुई आलोचना को स्वीकार किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। 
 

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उन्होंने कहा कि हम आलोचना एवं चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और मैं इसे स्वीकार करता हूं लेकिन व्यवस्था को दुरुस्त करना हमारी जिम्मेदारी है। आंखें मूंदकर समस्या से मुंह मोड़ लेना हमारा कर्तव्य नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा 100 प्रतिशत त्रुटिरहित रहे।
 
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