हिंदू नरसंहार क्यों छिपाएं? Vivek Agnihotri का ममता बनर्जी से सवाल, कहा- पश्चिम बंगाल में The Bengal Files रिलीज कराएं

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपनी फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ को बिना किसी अड़चन के रिलीज कराने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता थिएटर मालिकों को फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने की धमकी दे रहे हैं। यह फिल्म, ‘द ताशकंद फाइल्स’ (2019) और ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) के बाद अग्निहोत्री की ‘द फाइल्स’ शृंखला की तीसरी एवं आखिरी फिल्म है। फिल्म अगस्त 1946 में कोलकाता में हुए सांप्रदायिक दंगों को दर्शाती है, जिसे ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ के रूप में जाना जाता है। इसे भी पढ़ें: 'डांसेस विद वुल्व्स' के ऑस्कर नॉमिनेटेड दिग्गज अभिनेता Graham Greene का निधन, इंडस्ट्री में शोक र्जी से ‘‘हाथ जोड़कर’’ अनुरोध किया कि वह उनकी बातें सुनें और ‘‘इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से को न दबाएं’’। अग्निहोत्री ने दावा किया कि राज्य के थिएटर मालिकों से उन्हें प्रतिक्रिया मिल रही है कि उन्हें फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने की धमकी दी जा रही है। अग्निहोत्री ने बनर्जी को उनके संवैधानिक कर्तव्य की याद दिलाई। उन्होंने कहा, ‘‘आपने भारतीय संविधान की शपथ लेकर हर नागरिक के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करने की शपथ ली है और यह आपकी जिम्मेदारी है कि फिल्म को किसी भी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े। कृपया इस बात पर विचार करें कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने इस फिल्म को मंजूरी दे दी है।’’ अग्निहोत्री ने कहा कि बंगाल ने सांस्कृतिक मोर्चे पर देश का नेतृत्व किया है और यह भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि राज्य और इसके लोगों ने 1905 और 1947 में सबसे अधिक बलिदान दिए। फिल्म के प्रदर्शन से दंगों और हिंसा के जख्मों को नहीं कुरेदना चाहिए संबंधी तर्क को खारिज करते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘अगर एक जापानी बच्चे को हिरोशिमा और नागासाकी नरसंहार के बारे में पता होना चाहिए, तो नयी पीढ़ी को राज्य और देश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से से क्यों नहीं अवगत कराया जाना चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक सच्चा बंगाली इस फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। इस फिल्म को पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।’’इसे भी पढ़ें: मुस्लिम संगठनों के दबाव में ममता सरकार झुकी, जावेद अख्तर का मुशायरा स्थगित, अभिव्यक्ति की आज़ादी खतरे में! अग्निहोत्री ने पूछा कि अगर मुस्लिम, ईसाई और दलित उत्पीड़न को दुनिया भर की फिल्मों में दिखाया जा सकता है, तो ‘‘हम हिंदू नरसंहार को क्यों छुपाएं? हम झूठ को जिंदा क्यों रखें?’’ फिल्म निर्माता ने 17 अगस्त को कोलकाता के पांच सितारा होटल में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च को रोके जाने की घटना को भी याद किया, जिसे उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। शुक्रवार को रिलीज होने वाली इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, शाश्वत चटर्जी और दर्शन कुमार मुख्य भूमिका में हैं।

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Sep 4, 2025 - 04:30
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हिंदू नरसंहार क्यों छिपाएं? Vivek Agnihotri का ममता बनर्जी से सवाल, कहा- पश्चिम बंगाल में The Bengal Files रिलीज कराएं

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपनी फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ को बिना किसी अड़चन के रिलीज कराने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता थिएटर मालिकों को फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने की धमकी दे रहे हैं। यह फिल्म, ‘द ताशकंद फाइल्स’ (2019) और ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) के बाद अग्निहोत्री की ‘द फाइल्स’ शृंखला की तीसरी एवं आखिरी फिल्म है। फिल्म अगस्त 1946 में कोलकाता में हुए सांप्रदायिक दंगों को दर्शाती है, जिसे ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ के रूप में जाना जाता है।

इसे भी पढ़ें: 'डांसेस विद वुल्व्स' के ऑस्कर नॉमिनेटेड दिग्गज अभिनेता Graham Greene का निधन, इंडस्ट्री में शोक

 

र्जी से ‘‘हाथ जोड़कर’’ अनुरोध किया कि वह उनकी बातें सुनें और ‘‘इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से को न दबाएं’’। अग्निहोत्री ने दावा किया कि राज्य के थिएटर मालिकों से उन्हें प्रतिक्रिया मिल रही है कि उन्हें फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने की धमकी दी जा रही है। अग्निहोत्री ने बनर्जी को उनके संवैधानिक कर्तव्य की याद दिलाई।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने भारतीय संविधान की शपथ लेकर हर नागरिक के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करने की शपथ ली है और यह आपकी जिम्मेदारी है कि फिल्म को किसी भी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े। कृपया इस बात पर विचार करें कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने इस फिल्म को मंजूरी दे दी है।’’ अग्निहोत्री ने कहा कि बंगाल ने सांस्कृतिक मोर्चे पर देश का नेतृत्व किया है और यह भारत की आत्मा है।

उन्होंने कहा कि राज्य और इसके लोगों ने 1905 और 1947 में सबसे अधिक बलिदान दिए। फिल्म के प्रदर्शन से दंगों और हिंसा के जख्मों को नहीं कुरेदना चाहिए संबंधी तर्क को खारिज करते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘अगर एक जापानी बच्चे को हिरोशिमा और नागासाकी नरसंहार के बारे में पता होना चाहिए, तो नयी पीढ़ी को राज्य और देश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से से क्यों नहीं अवगत कराया जाना चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक सच्चा बंगाली इस फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। इस फिल्म को पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।’’

इसे भी पढ़ें: मुस्लिम संगठनों के दबाव में ममता सरकार झुकी, जावेद अख्तर का मुशायरा स्थगित, अभिव्यक्ति की आज़ादी खतरे में!

अग्निहोत्री ने पूछा कि अगर मुस्लिम, ईसाई और दलित उत्पीड़न को दुनिया भर की फिल्मों में दिखाया जा सकता है, तो ‘‘हम हिंदू नरसंहार को क्यों छुपाएं? हम झूठ को जिंदा क्यों रखें?’’ फिल्म निर्माता ने 17 अगस्त को कोलकाता के पांच सितारा होटल में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च को रोके जाने की घटना को भी याद किया, जिसे उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। शुक्रवार को रिलीज होने वाली इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, शाश्वत चटर्जी और दर्शन कुमार मुख्य भूमिका में हैं।

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