सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाना सामाजिक, आर्थिक नजरिये से जरूरी: Smriti Irani

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कहा कि महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाना सामाजिक के साथ आर्थिक नजरिये से भी जरूरी है। ईरानी ने यहां आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट और टाई ग्लोबल समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा, महिलाओं को सफलता के शिखर पर भी जोखिम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए। महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्रालय का दायित्व संभाल चुकीं ईरानी ने स्पार्क पहल का उल्लेख भी किया जिसका उद्देश्य 300 शहरों में एक लाख महिला उद्यमियों को ऋण, औपचारिकता और संस्थागत सहयोग तक पहुंच उपलब्ध कराना है। सम्मेलन के दूसरे दिन एक अभियान की शुरुआत भी हुई, जिसका लक्ष्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आर्थिक वृद्धि और रोजगार के प्रमुख चालक के रूप में मजबूत करना है। टाई के मुताबिक, यह पहल अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरियां और 100 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक मूल्य उत्पन्न करने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए सरकारों, उद्योग संगठनों, पूंजी प्रदाताओं और विश्वभर के टाई चैप्टर को जोड़ा जाएगा। मुख्य फोकस क्षेत्रों में नियामकीय सरलीकरण, पूंजी तक पहुंच, कौशल विकास, तकनीक अपनाना और क्लस्टर-आधारित क्षेत्रीय विकास शामिल हैं। एमएसएमई पर केंद्रित एक अन्य सत्र में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने स्थिर नियमों, आसान जीएसटी अनुपालन, बेहतर ऋण उपलब्धता और प्रौद्योगिकी-आधारित क्लस्टर विकास की भूमिका पर चर्चा की। सत्र के बाद आंध्र प्रदेश सरकार, टाई हैदराबाद और टाई विशाखापत्तनम के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इससे पहले भविष्य के शहरों के निर्माण पर केंद्रित सत्र में वैश्विक प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी पर चर्चा हुई। चर्चा में दुबई इंटरनेट सिटी के इस क्षेत्र के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकास और भारतीय स्टार्टअप के लिए एक प्रवेश-द्वार के रूप में इसकी भूमिका को रेखांकित किया गया।

PNSPNS
Jan 6, 2026 - 15:01
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सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाना सामाजिक, आर्थिक नजरिये से जरूरी: Smriti Irani

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कहा कि महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाना सामाजिक के साथ आर्थिक नजरिये से भी जरूरी है। ईरानी ने यहां आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट और टाई ग्लोबल समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा, महिलाओं को सफलता के शिखर पर भी जोखिम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्रालय का दायित्व संभाल चुकीं ईरानी ने स्पार्क पहल का उल्लेख भी किया जिसका उद्देश्य 300 शहरों में एक लाख महिला उद्यमियों को ऋण, औपचारिकता और संस्थागत सहयोग तक पहुंच उपलब्ध कराना है।

सम्मेलन के दूसरे दिन एक अभियान की शुरुआत भी हुई, जिसका लक्ष्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आर्थिक वृद्धि और रोजगार के प्रमुख चालक के रूप में मजबूत करना है।

टाई के मुताबिक, यह पहल अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरियां और 100 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक मूल्य उत्पन्न करने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए सरकारों, उद्योग संगठनों, पूंजी प्रदाताओं और विश्वभर के टाई चैप्टर को जोड़ा जाएगा।

मुख्य फोकस क्षेत्रों में नियामकीय सरलीकरण, पूंजी तक पहुंच, कौशल विकास, तकनीक अपनाना और क्लस्टर-आधारित क्षेत्रीय विकास शामिल हैं। एमएसएमई पर केंद्रित एक अन्य सत्र में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने स्थिर नियमों, आसान जीएसटी अनुपालन, बेहतर ऋण उपलब्धता और प्रौद्योगिकी-आधारित क्लस्टर विकास की भूमिका पर चर्चा की।

सत्र के बाद आंध्र प्रदेश सरकार, टाई हैदराबाद और टाई विशाखापत्तनम के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इससे पहले भविष्य के शहरों के निर्माण पर केंद्रित सत्र में वैश्विक प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी पर चर्चा हुई।

चर्चा में दुबई इंटरनेट सिटी के इस क्षेत्र के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकास और भारतीय स्टार्टअप के लिए एक प्रवेश-द्वार के रूप में इसकी भूमिका को रेखांकित किया गया।

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