रंगों और Drawing का है शौक? Graphic Designer बनें, जानें क्या हैं Skills और कितनी मिलेगी Salary

क्या आप भी ग्राफिक डिजाइनर बनाने का सपना देख रहे हैं? तो यह लेख सिर्फ आपके लिए है। गौरतलब है कि आज के डिजिटल दौर में ग्राफिक डिजाइनिंग एक बहुत ही डिमांडिंग और क्रिएटिव करियर के विकल्प में देखा जाता है। सोशल मीडिया का बढ़ता हुआ प्रचलन से आज के समय में ग्राफिक डिजाइनर की फील्ड काफी ग्रोथ कर रही है। यदि आपको भी कलर्स के साथ खेलना, नई चीजें ड्रॉ करना या कंप्यूटर पर क्रिएटिव डिजाइन बनाना पसंद है, तो 12वीं के बाद आप इस फील्ड में अपना करियर बना सकती हैं। ग्राफिक डिजाइनर का काम विजुएल कंटेंट के जरिए किसी मैसेज या थॉट को लोगों तक पहुंचाना होता है। चाहे सोशल मीडिया पोस्ट हो, विज्ञापनों के पोस्टर हों या मोबाइल ऐप्स का लेआउट, हर जगह ग्राफिक डिजाइनर की जरुरत होती है। आइए आपको बताते हैं 12वीं के बाद ग्राफिक डिजाइनर कैसे बन सकते हैं।ग्राफिक डिजाइनिंग क्या है?ग्राफिक डिजाइनिंग वह कला है जिसमें तस्वीरों, अक्षरों (टाइपोग्राफी) और रंगों के सही संयोजन से आकर्षक और प्रभावी डिजाइन तैयार किए जाते हैं। इसमें डिजाइनर विभिन्न डिजिटल टूल्स जैसे फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और कैनवा की मदद से लोगो, मैगजीन कवर, पोस्टर, वेबसाइट लेआउट और अन्य क्रिएटिव डिजाइन बनाता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी संदेश को सुंदर और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना होता है।12वीं के बाद कौन से कोर्स करें?बैचलर डिग्री (3-4 साल)- आप चाहे तो B.Des (Bachelor of Design) या BFA (Bachelor of Fine Arts) कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो इस फील्ड को डीप से समझना चाहते हैं।डिप्लोमा कोर्स (6 महीने से 1 साल)- यदि आप जल्दी नौकरी पाना चाहती हैं, तो किसी भी प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट से ग्राफिक डिजाइन में डिप्लोमा कर सकती हैं।सर्टिफिकेट कोर्स (3-6 महीने)- इसमें खास सॉफ्टवेयर जैसे केवल कोरल ड्रॉ या फोटोशॉप सिखाया जाता है।ग्राफिक डिजाइनर बनने के लिए प्रवेश परीक्षा - UCEED/CEED – यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से देश के प्रतिष्ठित डिजाइनिंग संस्थानों में दाखिला मिलता है।- NID DAT – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों को यह एंट्रेंस एग्जाम देना होता है।- NIFT – फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो NIFT की परीक्षा एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।- प्राइवेट कॉलेज – इसके अलावा कई निजी संस्थान 12वीं के नंबरों या अपने आयोजित किए गए छोटे एप्टीट्यूड टेस्ट के आधार पर भी छात्रों को प्रवेश प्रदान करते हैं।ग्राफिक डिजाइनर कैसे बनें?  - इसके लिए सबसे जरुरी है कि डिजाइनिंग के मुख्य टूल्स जैसे Adobe Photoshop, Illustrator, और InDesign पर अपनी पकड़ मजबूत करें। - आपको बता दें कि, यह इस फील्ड का सबसे जरूरी हिस्सा है। आपने जो भी अच्छे डिजाइन बनाए हैं, उनका एक कलेक्शन (Portfolio) तैयार करें। कंपनियां आपकी डिग्री से पहले आपका काम देखती हैं। - कौर्स के दौरान या बाद में किसी एजेंसी में इंटर्नशिप करें। इससे आपको पता चलेगा कि प्रोफेशनल दुनिया में काम कैसे होता है।   - अब आप आगे चलकर यह तय कर सकते हैं कि आपको लोगो मेकिंग में माहिर बनना है, वेब डिजाइनिंग में या एनीमेशन में।ग्राफिक डिजाइनर बनने पर कितनी मिल सकती हैं सैलरी?ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर आप विज्ञापन एजेंसियों, आईटी कंपनियों, अखबारों और फिल्म इंडस्ट्री जैसे कई क्षेत्रों में काम करने के अवसर पा सकती हैं। इसके साथ ही चाहें तो फ्रीलांसिंग के जरिए भी अपने प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकती हैं। शुरुआत में एक फ्रेशर की सैलरी आमतौर पर 25,000 से 40,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है, जो अनुभव और स्किल बढ़ने के साथ काफी ज्यादा हो जाती है।

PNSPNS
Mar 16, 2026 - 09:18
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रंगों और Drawing का है शौक? Graphic Designer बनें, जानें क्या हैं Skills और कितनी मिलेगी Salary
क्या आप भी ग्राफिक डिजाइनर बनाने का सपना देख रहे हैं? तो यह लेख सिर्फ आपके लिए है। गौरतलब है कि आज के डिजिटल दौर में ग्राफिक डिजाइनिंग एक बहुत ही डिमांडिंग और क्रिएटिव करियर के विकल्प में देखा जाता है। सोशल मीडिया का बढ़ता हुआ प्रचलन से आज के समय में ग्राफिक डिजाइनर की फील्ड काफी ग्रोथ कर रही है। यदि आपको भी कलर्स के साथ खेलना, नई चीजें ड्रॉ करना या कंप्यूटर पर क्रिएटिव डिजाइन बनाना पसंद है, तो 12वीं के बाद आप इस फील्ड में अपना करियर बना सकती हैं। ग्राफिक डिजाइनर का काम विजुएल कंटेंट के जरिए किसी मैसेज या थॉट को लोगों तक पहुंचाना होता है। चाहे सोशल मीडिया पोस्ट हो, विज्ञापनों के पोस्टर हों या मोबाइल ऐप्स का लेआउट, हर जगह ग्राफिक डिजाइनर की जरुरत होती है। आइए आपको बताते हैं 12वीं के बाद ग्राफिक डिजाइनर कैसे बन सकते हैं।

ग्राफिक डिजाइनिंग क्या है?

ग्राफिक डिजाइनिंग वह कला है जिसमें तस्वीरों, अक्षरों (टाइपोग्राफी) और रंगों के सही संयोजन से आकर्षक और प्रभावी डिजाइन तैयार किए जाते हैं। इसमें डिजाइनर विभिन्न डिजिटल टूल्स जैसे फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और कैनवा की मदद से लोगो, मैगजीन कवर, पोस्टर, वेबसाइट लेआउट और अन्य क्रिएटिव डिजाइन बनाता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी संदेश को सुंदर और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना होता है।

12वीं के बाद कौन से कोर्स करें?

बैचलर डिग्री (3-4 साल)- आप चाहे तो B.Des (Bachelor of Design) या BFA (Bachelor of Fine Arts) कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो इस फील्ड को डीप से समझना चाहते हैं।

डिप्लोमा कोर्स (6 महीने से 1 साल)- यदि आप जल्दी नौकरी पाना चाहती हैं, तो किसी भी प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट से ग्राफिक डिजाइन में डिप्लोमा कर सकती हैं।

सर्टिफिकेट कोर्स (3-6 महीने)- इसमें खास सॉफ्टवेयर जैसे केवल कोरल ड्रॉ या फोटोशॉप सिखाया जाता है।

ग्राफिक डिजाइनर बनने के लिए प्रवेश परीक्षा 

- UCEED/CEED – यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से देश के प्रतिष्ठित डिजाइनिंग संस्थानों में दाखिला मिलता है।
- NID DAT – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों को यह एंट्रेंस एग्जाम देना होता है।
- NIFT – फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो NIFT की परीक्षा एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।
- प्राइवेट कॉलेज – इसके अलावा कई निजी संस्थान 12वीं के नंबरों या अपने आयोजित किए गए छोटे एप्टीट्यूड टेस्ट के आधार पर भी छात्रों को प्रवेश प्रदान करते हैं।

ग्राफिक डिजाइनर कैसे बनें?

  - इसके लिए सबसे जरुरी है कि डिजाइनिंग के मुख्य टूल्स जैसे Adobe Photoshop, Illustrator, और InDesign पर अपनी पकड़ मजबूत करें।

 - आपको बता दें कि, यह इस फील्ड का सबसे जरूरी हिस्सा है। आपने जो भी अच्छे डिजाइन बनाए हैं, उनका एक कलेक्शन (Portfolio) तैयार करें। कंपनियां आपकी डिग्री से पहले आपका काम देखती हैं।

 - कौर्स के दौरान या बाद में किसी एजेंसी में इंटर्नशिप करें। इससे आपको पता चलेगा कि प्रोफेशनल दुनिया में काम कैसे होता है। 

  - अब आप आगे चलकर यह तय कर सकते हैं कि आपको लोगो मेकिंग में माहिर बनना है, वेब डिजाइनिंग में या एनीमेशन में।

ग्राफिक डिजाइनर बनने पर कितनी मिल सकती हैं सैलरी?

ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर आप विज्ञापन एजेंसियों, आईटी कंपनियों, अखबारों और फिल्म इंडस्ट्री जैसे कई क्षेत्रों में काम करने के अवसर पा सकती हैं। इसके साथ ही चाहें तो फ्रीलांसिंग के जरिए भी अपने प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकती हैं। शुरुआत में एक फ्रेशर की सैलरी आमतौर पर 25,000 से 40,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है, जो अनुभव और स्किल बढ़ने के साथ काफी ज्यादा हो जाती है।

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