मुंबई: मशहूर 'के रुस्तम' आइसक्रीम पार्लर का लाइसेंस निलंबित, परिसर में मिले चूहे और एक्सपायर्ड सामान
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर मुंबई में चर्चगेट रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रतिष्ठित आइसक्रीम पार्लर ‘के रुस्तम’ का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिष्ठान में मियाद खत्म हो चुके कृत्रिम फ्लेवरिंग एजेंट रखे जाने सहित कई अनियमितताएं पाई गईं।एफडीए ने बुधवार को एक बयान में कहा कि लोकप्रिय आइसक्रीम पार्लर में औचक निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी गंभीर खामियां मिलीं। अधिकारियों को परिसर में जीवित चूहे और मक्खियां भी मिलीं।एफडीए के बयान के अनुसार, 'निरीक्षण के दौरान स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां और नियामकीय उल्लंघन पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। प्रतिष्ठान को खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आने तक बंद रखने का भी निर्देश दिया गया है।'विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर की गई। यह विभाग के ‘सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।एफडीए अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे फ्लेवरिंग एजेंट मिले जिनकी मियाद खत्म हो चुकी थी और इन्हें कथित तौर पर आइसक्रीम बनाने में इस्तेमाल करने के लिए रखा गया था। एफडीए ने प्रयोगशाला में जांच के लिए आइसक्रीम के नमूने भी लिए हैं।एक बाहरी प्रयोगशाला की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आइसक्रीम में दूध वसा की मात्रा केवल 7.94 प्रतिशत पाई गई, जबकि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के तहत न्यूनतम 10 प्रतिशत दूध वसा होना जरूरी है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं।बयान में यह भी कहा गया कि निरीक्षण में दुकान और भंडारण क्षेत्रों में जीवित चूहे और मक्खियां पाई गईं। अधिकारियों ने यह भी पाया कि आइसक्रीम के सुरक्षित भंडारण और रखरखाव के लिए जरूरी ‘कोल्ड चेन’ का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर मुंबई में चर्चगेट रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रतिष्ठित आइसक्रीम पार्लर ‘के रुस्तम’ का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिष्ठान में मियाद खत्म हो चुके कृत्रिम फ्लेवरिंग एजेंट रखे जाने सहित कई अनियमितताएं पाई गईं।
एफडीए ने बुधवार को एक बयान में कहा कि लोकप्रिय आइसक्रीम पार्लर में औचक निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी गंभीर खामियां मिलीं। अधिकारियों को परिसर में जीवित चूहे और मक्खियां भी मिलीं।
एफडीए के बयान के अनुसार, 'निरीक्षण के दौरान स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां और नियामकीय उल्लंघन पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। प्रतिष्ठान को खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आने तक बंद रखने का भी निर्देश दिया गया है।'
विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर की गई। यह विभाग के ‘सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
एफडीए अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसे फ्लेवरिंग एजेंट मिले जिनकी मियाद खत्म हो चुकी थी और इन्हें कथित तौर पर आइसक्रीम बनाने में इस्तेमाल करने के लिए रखा गया था। एफडीए ने प्रयोगशाला में जांच के लिए आइसक्रीम के नमूने भी लिए हैं।
एक बाहरी प्रयोगशाला की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आइसक्रीम में दूध वसा की मात्रा केवल 7.94 प्रतिशत पाई गई, जबकि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के तहत न्यूनतम 10 प्रतिशत दूध वसा होना जरूरी है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं।
बयान में यह भी कहा गया कि निरीक्षण में दुकान और भंडारण क्षेत्रों में जीवित चूहे और मक्खियां पाई गईं। अधिकारियों ने यह भी पाया कि आइसक्रीम के सुरक्षित भंडारण और रखरखाव के लिए जरूरी ‘कोल्ड चेन’ का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
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