अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई की वजह से शेयर बाजार के निवेशकों में डर बैठ गया है। इसके चलते भारतीय शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिर गया। बाजार में यह गिरावट तब और बढ़ गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्ध रोकने का जो समझौता हुआ था, वह अब "पूरी तरह खत्म" हो चुका है। ट्रंप के इस बयान से लोगों को डर लग गया कि खाड़ी देशों (Middle East) में अब यह लड़ाई और खतरनाक रूप ले सकती है। इस डर के कारण बाजार में भारी बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स 1900 अंक टूटकर 76,472 पर आ गया और निफ्टी भी 521 अंक गिरकर 23,877 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियाँ गिरावट के साथ कारोबार कर रही थीं। इंटरग्लोब एविएशन, मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। इस बीच, ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.19 प्रतिशत बढ़कर 78.75 डॉलर प्रति बैरल हो गई। एशियाई बाज़ारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.35 प्रतिशत गिरा, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2.11 प्रतिशत नीचे आया और शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 0.49 प्रतिशत गिरा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 2.99 प्रतिशत चढ़ा। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए।
ट्रंप ने ऐसा क्या कहा
ईरान पर नए हमले करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सीज़फ़ायर 'खत्म' हो गया है, लेकिन बातचीत जारी रह सकती है। सीज़फ़ायर की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो चुका है। उनसे बात करने में समय बर्बाद करना ही है। उन्होंने यह बात तुर्की के अंकारा में दो दिन के NATO समिट के दौरान कही। यह बयान ईरान पर हमले के कुछ घंटों बाद आया, जिसे अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हुए हमलों का बदला बताया था। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके नतीजे पर शक है। उन्होंने कहा वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।