जयराम रमेश का दावा, PM Modi और उनकी पार्टी ने नहीं पढ़ी राष्ट्रगान पर लिखी महत्वपूर्ण किताबें

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को लोकसभा में चल रही वंदे मातरम बहस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी और उनके साथियों ने राष्ट्रगान की सच्ची भावना पर लिखी गई दो सबसे प्रसिद्ध पुस्तकें भी नहीं पढ़ी हैं। ये पुस्तकें रुद्रंगशु मुखर्जी द्वारा लिखित 'सॉन्ग ऑफ इंडिया: ए स्टडी ऑफ नेशनल एंथम' और सब्यसाची भट्टाचार्य द्वारा लिखित 'वंदे मातरम: द बायोग्राफी ऑफ ए सॉन्ग' हैं। इसे भी पढ़ें: 88 मिनट! एक जगह जब जमा हुए तीनों, मोदी-राहुल और अमित, क्लोज डोर मीटिंग की Inside Storyजयराम रमेश ने तीखे शब्दों में कहा कि ये पुस्तकें दो सर्वश्रेष्ठ इतिहासकारों द्वारा लिखी गई हैं। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं से यह उम्मीद करना अतिशयोक्ति है, जबकि वे जनता के सामने अपने झूठ के लिए बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने लिखा कि लोकसभा और राज्यसभा में तीन दिनों तक वंदे मातरम पर बहस हुई। कुछ भाषणों में राष्ट्रगान का ज़िक्र भी हुआ... यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री और उनके पूरे दल ने राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत पर लिखी गई दो प्रामाणिक और महत्वपूर्ण पुस्तकें नहीं पढ़ी हैं - जो भारत के दो सर्वश्रेष्ठ इतिहासकारों द्वारा सही मायने में लिखी गई हैं। यह उम्मीद करना अतिशयोक्ति है कि झूठ के लिए बुरी तरह लताड़ने और बेनकाब होने के बाद भी वे ऐसा करेंगे।इससे पहले सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रगान वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई चर्चा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना की भूमिका पर प्रकाश डाला, वहीं भाजपा और विपक्ष के सदस्यों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा प्रदान की। इसे भी पढ़ें: घर में ही हो गई ट्रंप की घोर बेइज्जती! मोदी-पुतिन की फोटो दिखाकर US सांसद ने काटा बवालउन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के साक्षी बन रहे हैं। वंदे मातरम वह शक्ति है जो हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा परिकल्पित सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है। वंदे मातरम ने भारत में हजारों वर्षों से गहराई से निहित एक विचार को पुनर्जीवित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम एक सर्वव्यापी मंत्र है जो स्वतंत्रता, त्याग, शक्ति, पवित्रता, समर्पण और लचीलेपन को प्रेरित करता है।

PNSPNS
Dec 12, 2025 - 00:06
 0
जयराम रमेश का दावा, PM Modi और उनकी पार्टी ने नहीं पढ़ी राष्ट्रगान पर लिखी महत्वपूर्ण किताबें
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को लोकसभा में चल रही वंदे मातरम बहस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी और उनके साथियों ने राष्ट्रगान की सच्ची भावना पर लिखी गई दो सबसे प्रसिद्ध पुस्तकें भी नहीं पढ़ी हैं। ये पुस्तकें रुद्रंगशु मुखर्जी द्वारा लिखित 'सॉन्ग ऑफ इंडिया: ए स्टडी ऑफ नेशनल एंथम' और सब्यसाची भट्टाचार्य द्वारा लिखित 'वंदे मातरम: द बायोग्राफी ऑफ ए सॉन्ग' हैं।
 

इसे भी पढ़ें: 88 मिनट! एक जगह जब जमा हुए तीनों, मोदी-राहुल और अमित, क्लोज डोर मीटिंग की Inside Story


जयराम रमेश ने तीखे शब्दों में कहा कि ये पुस्तकें दो सर्वश्रेष्ठ इतिहासकारों द्वारा लिखी गई हैं। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं से यह उम्मीद करना अतिशयोक्ति है, जबकि वे जनता के सामने अपने झूठ के लिए बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने लिखा कि लोकसभा और राज्यसभा में तीन दिनों तक वंदे मातरम पर बहस हुई। कुछ भाषणों में राष्ट्रगान का ज़िक्र भी हुआ... यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री और उनके पूरे दल ने राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत पर लिखी गई दो प्रामाणिक और महत्वपूर्ण पुस्तकें नहीं पढ़ी हैं - जो भारत के दो सर्वश्रेष्ठ इतिहासकारों द्वारा सही मायने में लिखी गई हैं। यह उम्मीद करना अतिशयोक्ति है कि झूठ के लिए बुरी तरह लताड़ने और बेनकाब होने के बाद भी वे ऐसा करेंगे।

इससे पहले सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रगान वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई चर्चा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना की भूमिका पर प्रकाश डाला, वहीं भाजपा और विपक्ष के सदस्यों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि वंदे मातरम ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा प्रदान की।
 

इसे भी पढ़ें: घर में ही हो गई ट्रंप की घोर बेइज्जती! मोदी-पुतिन की फोटो दिखाकर US सांसद ने काटा बवाल


उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के साक्षी बन रहे हैं। वंदे मातरम वह शक्ति है जो हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा परिकल्पित सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है। वंदे मातरम ने भारत में हजारों वर्षों से गहराई से निहित एक विचार को पुनर्जीवित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम एक सर्वव्यापी मंत्र है जो स्वतंत्रता, त्याग, शक्ति, पवित्रता, समर्पण और लचीलेपन को प्रेरित करता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow