'जब मुसलमान ऐसी हरकतें करते हैं, तो हम शर्म से अपना सिर झुका लेते हैं', जानिए ऐसा कहने पर क्यों मजबूर हुए महमूद मदनी
महमूद मदनी ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में किसी को भी दूसरे इंसान को मारने का हक नहीं होना चाहिए। चाहे किसी ने कितनी भी बड़ी गलती क्यों न की हो, सजा देने का एक तरीका होता है, और उसी तरीके का पालन किया जाना चाहिए।
महमूद मदनी ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में किसी को भी दूसरे इंसान को मारने का हक नहीं होना चाहिए। चाहे किसी ने कितनी भी बड़ी गलती क्यों न की हो, सजा देने का एक तरीका होता है, और उसी तरीके का पालन किया जाना चाहिए।