वैश्विक बाजारों (Global Markets) से मिले मजबूत और सकारात्मक संकेतों के दम पर घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार वापसी की। भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों को मिली बड़ी राहत और दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) के शानदार नतीजों ने बाजार के सेंटिमेंट को बूस्ट कर दिया। शुरुआती कारोबार में ही दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स-सेंसेक्स और निफ्टी-भारी बढ़त के साथ खुले। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 653.81 अंक या 0.85 प्रतिशत बढ़कर 77,395.63 पर खुला, जबकि निफ्टी 161.9 अंक की बढ़त के साथ 24,124.70 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 76,741.82 पर और निफ्टी 50 23,962.80 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, HCL टेक और इंडिगो सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। शुरुआती कारोबार में TCS में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। कंपनी द्वारा तिमाही नतीजे और अंतरिम डिविडेंड की घोषणा के बाद इसके शेयरों में यह हलचल दिखी। दूसरी ओर, भारती एयरटेल और सन फार्मा में गिरावट रही; भारती एयरटेल सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा, जिसमें 0.77 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 2,138 शेयरों में बढ़त और 423 शेयरों में गिरावट देखी गई। 81 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, "कुल मिलाकर, निकट भविष्य के लिए टेक्निकल आउटलुक सतर्कता वाला है। बैंक निफ्टी के अपने रिकवरी ट्रेंड को बनाए रखने की उम्मीद है, बशर्ते यह अपने इमीडिएट सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना रहे। हालांकि, तेजी के मोमेंटम को मजबूत करने और रिकवरी के अगले चरण की पुष्टि करने के लिए 58,000 के स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट और लगातार क्लोजिंग की आवश्यकता होगी।"
गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? Nifty 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले Gift Nifty ने आज बढ़त के साथ शुरुआत की। यह पिछले बंद भाव 23,994.50 के मुकाबले 105 अंक बढ़कर 24,099.50 पर खुला। 9 जुलाई, 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली की और 532.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 790.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
आज एशियाई बाज़ार
गुरुवार को एशियाई बाज़ारों में ज़्यादातर तेज़ी देखी गई, जिसकी अगुवाई सेमीकंडक्टर शेयरों में रिकवरी ने की, क्योंकि हाल ही में इनमें भारी बिकवाली हुई थी। हालांकि, तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ गईं, जिससे तेज़ी सीमित रही। रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का Nikkei 225 सूचकांक 1,214.95 अंक या 1.82 प्रतिशत बढ़कर 68,034 पर था। इसके उलट, हांगकांग का Hang Seng 220.46 अंक या 0.92 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का Kospi 26.33 अंक की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहा था। शंघाई का SSE Composite इंडेक्स 18.39 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में था।