गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर 8 घंटे चली मुठभेड़, 4 नक्सली ढेर

महाराष्ट्र पुलिस ने एक बयान में बताया कि गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर बुधवार को आठ घंटे चली मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। गढ़चिरौली के एसपी नीलोत्पल ने बताया, गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर कोपर्शी वन क्षेत्र में लगभग आठ घंटे तक रुक-रुक कर हुई गोलीबारी के बाद चार माओवादियों (1 पुरुष और 3 महिला) के शव बरामद किए गए हैं। चार हथियार - 1 एसएलआर राइफल, 2 इंसास राइफल और 1.303 राइफलें बरामद की गईं। इलाके में आगे तलाशी अभियान जारी है। इसे भी पढ़ें: Chhattisgarh Bijapur Encounter | बीजापुर में नक्सलियों से भीषण मुठभेड़ जारी, दो जांबाज जवान घायलपुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़यह घटनाक्रम पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने कोपरशी गाँव में तलाशी अभियान शुरू किया।दंतेवाड़ा में 29 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कियापुलिस अधिकारियों ने बताया कि 20 अगस्त को, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में 55.50 लाख रुपये के इनामी 29 नक्सलियों ने बुधवार को सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि इनमें से 21 नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में और आठ ने नारायणपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में 21 वामपंथी उग्रवादियों ने, जिनमें से 13 पर सामूहिक रूप से 25.50 लाख रुपये का इनाम था, सुरक्षाकर्मियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने कहा कि वे "अमानवीय और खोखली" माओवादी विचारधारा से निराश हैं।इसे भी पढ़ें: उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार B Sudarshan Reddy पर है भारत की नक्सल विरोधी लड़ाई को कमजोर करने का आरोप!पुलिस के पुनर्वास अभियान से प्रभावित थे नक्सलीउन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे पुलिस के पुनर्वास अभियान 'लोन वर्राटू' (गोंडी बोली में एक शब्द जिसका अर्थ है 'अपने घर/गाँव लौटना') और राज्य सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि इन 21 नक्सलियों में से, केय उर्फ ​​केशा लेकाम प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की कंपनी नंबर 1 का सदस्य था और उसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 12 नक्सली माओवादी संगठन में विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। इनमें से छह पर 2-2 लाख रुपये, पाँच पर 1-1 लाख रुपये और एक नक्सली पर 50,000 रुपये का इनाम था। 

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Aug 28, 2025 - 04:30
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गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर 8 घंटे चली मुठभेड़, 4 नक्सली ढेर
महाराष्ट्र पुलिस ने एक बयान में बताया कि गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर बुधवार को आठ घंटे चली मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। गढ़चिरौली के एसपी नीलोत्पल ने बताया, गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर कोपर्शी वन क्षेत्र में लगभग आठ घंटे तक रुक-रुक कर हुई गोलीबारी के बाद चार माओवादियों (1 पुरुष और 3 महिला) के शव बरामद किए गए हैं। चार हथियार - 1 एसएलआर राइफल, 2 इंसास राइफल और 1.303 राइफलें बरामद की गईं। इलाके में आगे तलाशी अभियान जारी है। 

इसे भी पढ़ें: Chhattisgarh Bijapur Encounter | बीजापुर में नक्सलियों से भीषण मुठभेड़ जारी, दो जांबाज जवान घायल

पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़

यह घटनाक्रम पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने कोपरशी गाँव में तलाशी अभियान शुरू किया।

दंतेवाड़ा में 29 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 20 अगस्त को, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में 55.50 लाख रुपये के इनामी 29 नक्सलियों ने बुधवार को सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि इनमें से 21 नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में और आठ ने नारायणपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में 21 वामपंथी उग्रवादियों ने, जिनमें से 13 पर सामूहिक रूप से 25.50 लाख रुपये का इनाम था, सुरक्षाकर्मियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने कहा कि वे "अमानवीय और खोखली" माओवादी विचारधारा से निराश हैं।

इसे भी पढ़ें: उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार B Sudarshan Reddy पर है भारत की नक्सल विरोधी लड़ाई को कमजोर करने का आरोप!

पुलिस के पुनर्वास अभियान से प्रभावित थे नक्सली

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे पुलिस के पुनर्वास अभियान 'लोन वर्राटू' (गोंडी बोली में एक शब्द जिसका अर्थ है 'अपने घर/गाँव लौटना') और राज्य सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि इन 21 नक्सलियों में से, केय उर्फ ​​केशा लेकाम प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की कंपनी नंबर 1 का सदस्य था और उसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 12 नक्सली माओवादी संगठन में विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। इनमें से छह पर 2-2 लाख रुपये, पाँच पर 1-1 लाख रुपये और एक नक्सली पर 50,000 रुपये का इनाम था। 

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