गठबंधन को लेकर ईमानदार नहीं है समाजवादी पार्टी, मुसलमानों के मुद्दों पर साधी चुप्पी: इमरान मसूद

नयी दिल्ली में कांग्रेस के लोकसभा सदस्य इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी (सपा) की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। मसूद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की अगुवाई वाली पार्टी मुसलमानों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सपा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती है, तो उसे यह काम पूरी ईमानदारी के साथ करना चाहिए।पीटीआई-वीडियो के साथ बातचीत के दौरान सहारनपुर के सांसद ने सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों को केवल वोटबैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि राज्य में मस्जिदों और मदरसों पर कार्रवाई हो रही है और समुदाय के साथ अन्याय हो रहा है, लेकिन सपा इन विषयों पर बोलने से कतराती है। मसूद ने यह भी जोड़ा कि दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर भी पार्टी को मुखर होना चाहिए, लेकिन इसके बजाय सपा नेता लगातार उन्हीं पर निशाना साधते रहते हैं।मसूद ने गठबंधन की स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी वास्तव में भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करना चाहती है, तो उसे गठबंधन को लेकर अपनी मंशा साफ करनी चाहिए और धरातल पर सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की सरकार नहीं बनी, तो सबसे ज्यादा नुकसान मुस्लिम समुदाय को ही उठाना पड़ेगा। सांसद ने स्पष्ट किया कि सपा के साथ उनके निजी संबंधों में कोई कड़वाहट नहीं है, बल्कि वह केवल पार्टी को सच्चाई का आईना दिखा रहे हैं।

PNSPNS
Jul 13, 2026 - 20:04
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गठबंधन को लेकर ईमानदार नहीं है समाजवादी पार्टी, मुसलमानों के मुद्दों पर साधी चुप्पी: इमरान मसूद

नयी दिल्ली में कांग्रेस के लोकसभा सदस्य इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी (सपा) की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। मसूद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की अगुवाई वाली पार्टी मुसलमानों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सपा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती है, तो उसे यह काम पूरी ईमानदारी के साथ करना चाहिए।

पीटीआई-वीडियो के साथ बातचीत के दौरान सहारनपुर के सांसद ने सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों को केवल वोटबैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि राज्य में मस्जिदों और मदरसों पर कार्रवाई हो रही है और समुदाय के साथ अन्याय हो रहा है, लेकिन सपा इन विषयों पर बोलने से कतराती है। मसूद ने यह भी जोड़ा कि दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर भी पार्टी को मुखर होना चाहिए, लेकिन इसके बजाय सपा नेता लगातार उन्हीं पर निशाना साधते रहते हैं।

मसूद ने गठबंधन की स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी वास्तव में भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करना चाहती है, तो उसे गठबंधन को लेकर अपनी मंशा साफ करनी चाहिए और धरातल पर सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की सरकार नहीं बनी, तो सबसे ज्यादा नुकसान मुस्लिम समुदाय को ही उठाना पड़ेगा। सांसद ने स्पष्ट किया कि सपा के साथ उनके निजी संबंधों में कोई कड़वाहट नहीं है, बल्कि वह केवल पार्टी को सच्चाई का आईना दिखा रहे हैं।

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