समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहलगाम आतंकी हमले को भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार की विफलता करार दिया। उन्होंने भाजपा पर महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाने के बजाय दुष्प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने आतंकी हमले के प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'यह (पहलगाम हमला) सरकार की विफलता है। यह खुफिया विफलता का नतीजा है। वहां उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और सेना वहां नहीं पहुंच सकी। अब लोग पहलगाम के साथ पुलवामा की भी बात कर रहे हैं। इस मुद्दे पर हुई सर्वदलीय बैठक के बारे में उन्होंने कहा, पार्टी ने बैठक में जो कहना था, कह दिया है। मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। आप मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) से पूछ सकते हैं कि वे इस मामले पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।'
सपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा, 'हमारे मुद्दे आज भी बेरोजगारी के हैं- नौकरियां घट रही हैं, नौकरियों के अवसर खत्म हो रहे हैं, योग्यता के अनुसार काम नहीं मिल रहा है और सरकार सम्मानजनक रोजगार नहीं दे पा रही है।'
सपा प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के लोग मिलकर संवैधानिक अधिकार नहीं दे रहे हैं, आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है तथा नौकरी न देने का मकसद सीधा-सीधा आरक्षण न देना है। उन्होंने दावा किया, “शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप बहुत बढ़ गया है।” यादव ने कहा कि युवतियों के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित माहौल उत्तर प्रदेश में है और यह सरकार के आंकड़े ही बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह शिक्षा का निजीकरण हुआ है, उसको लेकर पार्टी और यूथ ब्रिगेड के लोग जनता को समझाएंगे।