कभी हां-कभी ना! रक्षा मंत्री परमाणु बम को किराए पर चढ़ाने को तैयार, विदेश मंत्रालय ने साधी चुप्पी, पाक के रवैये से सऊदी भी माथा पकड़ लेगा

कंगाल पाकिस्तान के पास परमाणु बम हैं भी या अमेरिका ने उसे अपने कब्जे में ले रखा है। अगर हैं भी तो वो चलने की कैसी स्थिति में है? तमाम सवालों के बीच पाकिस्तान के परमाणु बम को किराये पर उठाने की खबरे भी सामने आने लगी। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि नए रक्षा समझौते के तहत उनके देश का परमाणु कार्यक्रम जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब को उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को बयान दिए चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि मामला उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है। पूछे जाने पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय चुप है। दबाव डालने पर, प्रवक्ता शफ़क़त अली ख़ान ने कहा कि हमारा सिद्धांत एक आंतरिक मामला है। हम किसी के साथ समन्वय नहीं करते।पाकिस्तानी अखबार डॉन की तरफ से जब विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में पूछा गया कि क्या आप यह बताना चाहेंगे कि क्या हमारी परमाणु नीति या परमाणु सिद्धांत भारत-विशिष्ट है और मेरा मानना ​​है कि यह सिद्धांत एक जीवंत दस्तावेज़ है, तो क्या हम इसकी नियमित समीक्षा करते हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे संबंधित हितधारकों के साथ अपनी स्थिति का समन्वय भी करते हैं?इसे भी पढ़ें: UN में किससे भिड़ गए ट्रंप, चीन भी देखता रह गया, जीत गया बलूचिस्तान, संयुक्त राष्ट्र में क्या-क्या हुआ?सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा सिद्धांत एक आंतरिक मामला है। इस अर्थ में हम किसी के साथ समन्वय नहीं करते हैं। हम कई देशों के साथ रणनीतिक स्थिरता वार्ता करते हैं जहाँ हम अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और एक-दूसरे को अपने आकलन से अवगत कराते हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन जिस सिद्धांत को हमने विकसित किया है और आगे भी करते रहेंगे, वह हमारा आंतरिक मामला है। इसका इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि दूसरे देश हमें क्या बताते हैं या हमसे क्या कहते हैं। मैं यहाँ सिद्धांत की विशिष्टता पर टिप्पणी करने के लिए नहीं हूँ, लेकिन हमारी स्थिति सर्वविदित है। इसे भी पढ़ें: India big action on Saudi Arabia: सऊदी अरब को मिली गद्दारी की सजा, भारत ने उसके कट्टर दुश्मन से हाथ मिला साइन की गजब की डीलख्वाजा आसिफ ने गुरुवार को पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी को एक इंटरव्यू दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हमारे पास जो कुछ है और जो क्षमताएं हमारे पास हैं, वे इस समझौते के अनुसार (सऊदी अरब को) उपलब्ध कराई जाएंगी। रक्षा मंत्री की टिप्पणी इस हफ्ते पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते के बाद आई है। इस समझौते पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हस्ताक्षर किए थे। 

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Sep 22, 2025 - 04:29
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कभी हां-कभी ना! रक्षा मंत्री परमाणु बम को किराए पर चढ़ाने को तैयार, विदेश मंत्रालय ने साधी चुप्पी, पाक के रवैये से सऊदी भी माथा पकड़ लेगा
कंगाल पाकिस्तान के पास परमाणु बम हैं भी या अमेरिका ने उसे अपने कब्जे में ले रखा है। अगर हैं भी तो वो चलने की कैसी स्थिति में है? तमाम सवालों के बीच पाकिस्तान के परमाणु बम को किराये पर उठाने की खबरे भी सामने आने लगी। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि नए रक्षा समझौते के तहत उनके देश का परमाणु कार्यक्रम जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब को उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को बयान दिए चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि मामला उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है। पूछे जाने पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय चुप है। दबाव डालने पर, प्रवक्ता शफ़क़त अली ख़ान ने कहा कि हमारा सिद्धांत एक आंतरिक मामला है। हम किसी के साथ समन्वय नहीं करते।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की तरफ से जब विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में पूछा गया कि क्या आप यह बताना चाहेंगे कि क्या हमारी परमाणु नीति या परमाणु सिद्धांत भारत-विशिष्ट है और मेरा मानना ​​है कि यह सिद्धांत एक जीवंत दस्तावेज़ है, तो क्या हम इसकी नियमित समीक्षा करते हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे संबंधित हितधारकों के साथ अपनी स्थिति का समन्वय भी करते हैं?

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सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा सिद्धांत एक आंतरिक मामला है। इस अर्थ में हम किसी के साथ समन्वय नहीं करते हैं। हम कई देशों के साथ रणनीतिक स्थिरता वार्ता करते हैं जहाँ हम अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और एक-दूसरे को अपने आकलन से अवगत कराते हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन जिस सिद्धांत को हमने विकसित किया है और आगे भी करते रहेंगे, वह हमारा आंतरिक मामला है। इसका इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि दूसरे देश हमें क्या बताते हैं या हमसे क्या कहते हैं। मैं यहाँ सिद्धांत की विशिष्टता पर टिप्पणी करने के लिए नहीं हूँ, लेकिन हमारी स्थिति सर्वविदित है। 

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ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार को पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी को एक इंटरव्यू दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हमारे पास जो कुछ है और जो क्षमताएं हमारे पास हैं, वे इस समझौते के अनुसार (सऊदी अरब को) उपलब्ध कराई जाएंगी। रक्षा मंत्री की टिप्पणी इस हफ्ते पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते के बाद आई है। इस समझौते पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हस्ताक्षर किए थे। 

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