इनेलो प्रमुख Abhay Chautala की जेड-प्लस सुरक्षा के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) प्रमुख अभय सिंह चौटाला की जेड-प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने के अनुरोध करने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। चौटाला के वकील के अनुसार, उन्होंने मिल रही धमकियों के मद्देनजर जेड-प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की है। वकील ने कहा, “अभय सिंह चौटाला ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें दलील दी गई है कि उन्हें जेड-प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें मिल रही ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा अपर्याप्त है।” उन्होंने कहा, “वाई-प्लस सुरक्षा घेरे के बावजूद चौटाला को जान का लगातार खतरा बना हुआ है। जुलाई में कर्ण चौटाला (अभय चौटाला के बेटे) को एक फोन आया था और बाद में अभय के निजी सहायक को भी फोन आया था, जिसमें अभय चौटाला को सीधी धमकी दी गई थी।” अभय के वकील संदीप गोयत ने अदालत में सुनवाई के बाद संवाददाताओं से कहा, “इन धमकियों के बाद हमने हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को ज्ञापन दिया, लेकिन इन धमकियों के मद्देनजर जो कार्रवाई की जानी थी, वह नहीं की गई।” उन्होंने कहा कि अभय चौटाला को उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित हरियाणा से बाहर भी यात्रा करनी पड़ती है तथा उनकी वर्तमान सुरक्षा अपर्याप्त है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार सहित प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। गोयत ने बताया कि याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) प्रमुख अभय सिंह चौटाला की जेड-प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने के अनुरोध करने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। चौटाला के वकील के अनुसार, उन्होंने मिल रही धमकियों के मद्देनजर जेड-प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की है।
वकील ने कहा, “अभय सिंह चौटाला ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें दलील दी गई है कि उन्हें जेड-प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें मिल रही ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा अपर्याप्त है।”
उन्होंने कहा, “वाई-प्लस सुरक्षा घेरे के बावजूद चौटाला को जान का लगातार खतरा बना हुआ है। जुलाई में कर्ण चौटाला (अभय चौटाला के बेटे) को एक फोन आया था और बाद में अभय के निजी सहायक को भी फोन आया था, जिसमें अभय चौटाला को सीधी धमकी दी गई थी।”
अभय के वकील संदीप गोयत ने अदालत में सुनवाई के बाद संवाददाताओं से कहा, “इन धमकियों के बाद हमने हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को ज्ञापन दिया, लेकिन इन धमकियों के मद्देनजर जो कार्रवाई की जानी थी, वह नहीं की गई।”
उन्होंने कहा कि अभय चौटाला को उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित हरियाणा से बाहर भी यात्रा करनी पड़ती है तथा उनकी वर्तमान सुरक्षा अपर्याप्त है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार सहित प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। गोयत ने बताया कि याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
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