इंटरपोल ने इमरान खान के सहयोगी के खिलाफ मामला बंद किया

इंटरपोल ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी मूनिस इलाही के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के पाकिस्तान के अनुरोध से संबंधित मामला बंद कर दिया है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पाकिस्तान सरकार ने पूर्व संघीय मंत्री को पकड़ने के लिए इंटरपोल से सहायता मांगी थी, जो लगभग तीन साल पहले खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद स्पेन चले गए थे। इंटरपोल के एक बयान के अनुसार, ‘‘अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन - इंटरपोल - का महासचिव यह प्रमाणित करता है कि आज की तारीख में मूनिस इलाही इंटरपोल के नोटिस के अधीन नहीं हैं।’’ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार ने मूनिस को प्रत्यर्पित करने के लिए इंटरपोल के समक्ष अपना मामला बनाने के लिए उन पर कई फर्जी प्राथमिकी - हत्या, धनशोधन, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग - दर्ज की थीं। आंतरिक मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी इंटरपोल के समक्ष प्रत्यर्पण याचिका पैरवी कर रहे थे, क्योंकि मूनिस अक्सर पाकिस्तान के क्रिकेट परिदृश्य को नष्ट करने और खान के समर्थकों पर कार्रवाई करने के लिए उनकी आलोचना करते थे। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही के बेटे मूनिस ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पीटीआई प्रमुख खान को बुनियादी अधिकार नहीं देने के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री मरियम नवाज की भी आलोचना की थी। एक अधिकारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘इंटरपोल ने मूनिस के खिलाफ पाकिस्तान के मामले को खारिज कर दिया क्योंकि संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) उनके खिलाफ हत्या, धन शोधन और अन्य मामलों से संबंधित सबूत पेश करने में विफल रही।’’ उन्होंने कहा कि इंटरपोल ने पाकिस्तान के रुख को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि पीटीआई नेता के खिलाफ अधिकांश मामले राजनीतिक प्रकृति के थे। मूनिस के वकील अमीर रॉन ने कहा, ‘‘इंटरपोल ने गहन तथ्यान्वेषी जांच के बाद पीएमएल-एन सरकार द्वारा लगाए गए सभी निराधार आरोप खारिज कर दिये। उन्होंने कहा कि इलाही परिवार को खान के प्रति निष्ठावान रहने के कारण प्रताड़ित किया गया है।

PNSPNS
Nov 17, 2025 - 10:02
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इंटरपोल ने इमरान खान के सहयोगी के खिलाफ मामला बंद किया

इंटरपोल ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी मूनिस इलाही के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के पाकिस्तान के अनुरोध से संबंधित मामला बंद कर दिया है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पाकिस्तान सरकार ने पूर्व संघीय मंत्री को पकड़ने के लिए इंटरपोल से सहायता मांगी थी, जो लगभग तीन साल पहले खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद स्पेन चले गए थे।

इंटरपोल के एक बयान के अनुसार, ‘‘अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन - इंटरपोल - का महासचिव यह प्रमाणित करता है कि आज की तारीख में मूनिस इलाही इंटरपोल के नोटिस के अधीन नहीं हैं।’’

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार ने मूनिस को प्रत्यर्पित करने के लिए इंटरपोल के समक्ष अपना मामला बनाने के लिए उन पर कई फर्जी प्राथमिकी - हत्या, धनशोधन, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग - दर्ज की थीं।

आंतरिक मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी इंटरपोल के समक्ष प्रत्यर्पण याचिका पैरवी कर रहे थे, क्योंकि मूनिस अक्सर पाकिस्तान के क्रिकेट परिदृश्य को नष्ट करने और खान के समर्थकों पर कार्रवाई करने के लिए उनकी आलोचना करते थे।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही के बेटे मूनिस ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पीटीआई प्रमुख खान को बुनियादी अधिकार नहीं देने के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री मरियम नवाज की भी आलोचना की थी।

एक अधिकारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘इंटरपोल ने मूनिस के खिलाफ पाकिस्तान के मामले को खारिज कर दिया क्योंकि संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) उनके खिलाफ हत्या, धन शोधन और अन्य मामलों से संबंधित सबूत पेश करने में विफल रही।’’

उन्होंने कहा कि इंटरपोल ने पाकिस्तान के रुख को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि पीटीआई नेता के खिलाफ अधिकांश मामले राजनीतिक प्रकृति के थे। मूनिस के वकील अमीर रॉन ने कहा, ‘‘इंटरपोल ने गहन तथ्यान्वेषी जांच के बाद पीएमएल-एन सरकार द्वारा लगाए गए सभी निराधार आरोप खारिज कर दिये। उन्होंने कहा कि इलाही परिवार को खान के प्रति निष्ठावान रहने के कारण प्रताड़ित किया गया है।

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