आज मनाया जा रहा है Shravan Month का गजानन संकष्टी चतुर्थी , जानें शुभ मुहूर्त और Ganesh Puja विधि

आज यानी 2 अगस्त 2026, रविवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है,जो रात 11.15 बजे तक रहेगी। इस दिन गजानन संकष्टी चतुर्थी भी मनाई जा रही है। यह तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। चलिए आपको आज का पंचांग के बारे में बताते हैं। आज सूर्य कर्क राशि में और  चंद्रमा दोपहर 3:26 बजे तक कुंभ में रहकर मीन में प्रवेश करेंगे। वहीं, आज पूर्वभाद्रपद नक्षत्र है। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक और अमृत काल दोपहर 1:19 से 2:59 बजे तक रहने वाला है। राहुकाल शाम 5.30 से 7.11 बजे तक रहेगा। साथ ही इस लेख हम आपको भगवान गणेश जी की पूजन विधि का बताएंगे। आज का पंचांग-तिथि: कृष्ण चतुर्थी-मास: श्रावण-दिन: रविवार-संवत्: 2083महत्वपूर्ण विवरणतिथि: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी – रात्रि 11बजकर 15 मिनट तक, फिर पंचमी तिथियोग: अतिगण्ड – रात्रि 10 बजकर 30 मिनट तक, फिर सुकर्माकरण: बव – प्रातः 11 बजकर 14 मिनट तककरण: बालव – रात्रि 11बजकर 15 मिनट तक, फिर कौलवसूर्यास्त और चंद्रमा की स्थितिसूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 43 मिनटसूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 11 मिनटचंद्रोदय का समय: रात्रि 09 बजकर 24 मिनटचंद्रास्त का समय: प्रातः 08 बजकर 52 मिनट (03 अगस्त) सूर्य और चंद्रमा की राशियांसूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैंचन्द्र देव: कुंभ राशि में (दोपहर 03 बजकर 26 मिनट तक), फिर मीन राशि में प्रवेशआज के शुभ मुहूर्तअभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12: 00 बजे से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट बजे तकअमृत काल: दोपहर 01 बजकर 19 मिनट से दोपहर 02 बजकर 59 मिनट तकआज के अशुभ समयराहुकाल: सायं 05 बजकर 30 मिनट से सायं 07 बजकर 11 मिनट तकगुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 49 मिनट से सायं 05 बजकर 30 मिनट तकयमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 08 मिनट तकगजानन संकष्टी चतुर्थी 2026चंद्रोदय समय: रात 09 बजकर 24 मिनटचतुर्थी तिथि प्रारंभ: 01 अगस्त, रात 11 बजकर 07 मिनटचतुर्थी तिथि समाप्त: 02 अगस्त, रात 11बजकर 15 मिनटजाने गणेश पूजा की विधि- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके और साफ वस्त्र पहनें। - अब घर के मंदिर की अच्छे से सफाई करें और इसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर लाल या हरा कपड़ा बिछाएं। - चौकी पर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और साथ ही मंगल कलश रखें। - इसके बाद गणेश जी की मूर्ति को दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण (पंचामृत) से स्नान कराएं, फिर साफ जल से स्नान कराएं। - अब बप्पा को वस्त्र, जनेऊ, चंदन का तिलक, धूप-दीप और फूल अर्पित करें। - भगवान गणेश जी की सबसे प्रिय दूर्वा (दूब घास) जरुर अर्पित करें। - गणेश जी को मोदक और गुड़ का भोग लगाएं। - इसके बाद गणपति मंत्रों का जप करें और पूरी श्रद्धा भाव के साथ उनकी आरती गाएं। - आखिर में सभी लोगों में प्रसाद वितरित करें।

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Aug 4, 2026 - 17:47
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आज मनाया जा रहा है Shravan Month का  गजानन संकष्टी चतुर्थी , जानें शुभ मुहूर्त और Ganesh Puja विधि
आज यानी 2 अगस्त 2026, रविवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है,जो रात 11.15 बजे तक रहेगी। इस दिन गजानन संकष्टी चतुर्थी भी मनाई जा रही है। यह तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। चलिए आपको आज का पंचांग के बारे में बताते हैं। 
आज सूर्य कर्क राशि में और  चंद्रमा दोपहर 3:26 बजे तक कुंभ में रहकर मीन में प्रवेश करेंगे। वहीं, आज पूर्वभाद्रपद नक्षत्र है। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक और अमृत काल दोपहर 1:19 से 2:59 बजे तक रहने वाला है। राहुकाल शाम 5.30 से 7.11 बजे तक रहेगा। साथ ही इस लेख हम आपको भगवान गणेश जी की पूजन विधि का बताएंगे। 

आज का पंचांग
-तिथि: कृष्ण चतुर्थी
-मास: श्रावण
-दिन: रविवार
-संवत्: 2083

महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी – रात्रि 11बजकर 15 मिनट तक, फिर पंचमी तिथि

योग: अतिगण्ड – रात्रि 10 बजकर 30 मिनट तक, फिर सुकर्मा

करण: बव – प्रातः 11 बजकर 14 मिनट तक

करण: बालव – रात्रि 11बजकर 15 मिनट तक, फिर कौलव

सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 43 मिनट

सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 11 मिनट

चंद्रोदय का समय: रात्रि 09 बजकर 24 मिनट

चंद्रास्त का समय: प्रातः 08 बजकर 52 मिनट (03 अगस्त) 

सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: कुंभ राशि में (दोपहर 03 बजकर 26 मिनट तक), फिर मीन राशि में प्रवेश

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12: 00 बजे से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट बजे तक

अमृत काल: दोपहर 01 बजकर 19 मिनट से दोपहर 02 बजकर 59 मिनट तक

आज के अशुभ समय
राहुकाल: सायं 05 बजकर 30 मिनट से सायं 07 बजकर 11 मिनट तक

गुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 49 मिनट से सायं 05 बजकर 30 मिनट तक

यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 08 मिनट तक

गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026

चंद्रोदय समय: रात 09 बजकर 24 मिनट

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 01 अगस्त, रात 11 बजकर 07 मिनट

चतुर्थी तिथि समाप्त: 02 अगस्त, रात 11बजकर 15 मिनट

जाने गणेश पूजा की विधि
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके और साफ वस्त्र पहनें।

 - अब घर के मंदिर की अच्छे से सफाई करें और इसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर लाल या हरा कपड़ा बिछाएं।

 - चौकी पर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और साथ ही मंगल कलश रखें।

 - इसके बाद गणेश जी की मूर्ति को दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण (पंचामृत) से स्नान कराएं, फिर साफ जल से स्नान कराएं।

 - अब बप्पा को वस्त्र, जनेऊ, चंदन का तिलक, धूप-दीप और फूल अर्पित करें।

 - भगवान गणेश जी की सबसे प्रिय दूर्वा (दूब घास) जरुर अर्पित करें।

 - गणेश जी को मोदक और गुड़ का भोग लगाएं।

 - इसके बाद गणपति मंत्रों का जप करें और पूरी श्रद्धा भाव के साथ उनकी आरती गाएं।

 - आखिर में सभी लोगों में प्रसाद वितरित करें।

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