अमेरिका में Layoff का दौर जारी, अब Big Four कंपनी KPMG ने 10% पार्टनर्स को निकाला

केपीएमजी ने अपने अमेरिका स्थित लेखा जांच विभाग में करीब 10 प्रतिशत साझेदारों की संख्या घटाने का निर्णय लिया हैं। यह फैसला उस समय लिया गया जब पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के प्रयास उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाए थे।गौरतलब है कि कंपनी ने यह जानकारी आंतरिक बैठक में अपने कर्मचारियों को दी, जहां बताया गया कि मौजूदा कारोबार के मुकाबले साझेदारों की संख्या अधिक हो गई है। बता दें कि केपीएमजी दुनिया की चार बड़ी लेखा कंपनियों में शामिल है, जिनमें डेलॉयट, अर्न्स्ट एंड यंग और प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स भी शामिल है।मौजूद जानकारी के अनुसार, केपीएमजी के लेखा जांच और आश्वासन विभाग में करीब 1400 साझेदार और प्रबंध निदेशक कार्यरत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी कई वर्षों से वरिष्ठ अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए प्रोत्साहित कर रही थी, लेकिन इसमें पर्याप्त संख्या में लोग शामिल नहीं हुए, जिसके चलते अब सीधे तौर पर यह कदम उठाना पड़ा है।बताया जा रहा है कि इस निर्णय से कई दर्जन साझेदार प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें उसी दिन इसकी सूचना भी दे दी गई थी। हालांकि कंपनी ने प्रभावित लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की हैं।गौरतलब है कि कंपनी ने इसे अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम टीम के आकार, संरचना और कौशल को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें और बाजार की जरूरतों के अनुरूप बदलाव किया जा सके।मौजूद जानकारी के अनुसार, जिन कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, उन्हें आर्थिक सहायता और नई भूमिका में जाने के लिए सहयोग भी दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

PNSPNS
Apr 25, 2026 - 09:58
 0
अमेरिका में Layoff का दौर जारी, अब Big Four कंपनी KPMG ने 10% पार्टनर्स को निकाला
केपीएमजी ने अपने अमेरिका स्थित लेखा जांच विभाग में करीब 10 प्रतिशत साझेदारों की संख्या घटाने का निर्णय लिया हैं। यह फैसला उस समय लिया गया जब पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के प्रयास उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाए थे।

गौरतलब है कि कंपनी ने यह जानकारी आंतरिक बैठक में अपने कर्मचारियों को दी, जहां बताया गया कि मौजूदा कारोबार के मुकाबले साझेदारों की संख्या अधिक हो गई है। बता दें कि केपीएमजी दुनिया की चार बड़ी लेखा कंपनियों में शामिल है, जिनमें डेलॉयट, अर्न्स्ट एंड यंग और प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स भी शामिल है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, केपीएमजी के लेखा जांच और आश्वासन विभाग में करीब 1400 साझेदार और प्रबंध निदेशक कार्यरत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी कई वर्षों से वरिष्ठ अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए प्रोत्साहित कर रही थी, लेकिन इसमें पर्याप्त संख्या में लोग शामिल नहीं हुए, जिसके चलते अब सीधे तौर पर यह कदम उठाना पड़ा है।

बताया जा रहा है कि इस निर्णय से कई दर्जन साझेदार प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें उसी दिन इसकी सूचना भी दे दी गई थी। हालांकि कंपनी ने प्रभावित लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की हैं।

गौरतलब है कि कंपनी ने इसे अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम टीम के आकार, संरचना और कौशल को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें और बाजार की जरूरतों के अनुरूप बदलाव किया जा सके।

मौजूद जानकारी के अनुसार, जिन कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, उन्हें आर्थिक सहायता और नई भूमिका में जाने के लिए सहयोग भी दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow